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दो साल बाद भी अधूरी है सौ करोड़ की बिजली योजना

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फरीदाबाद। केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी इंटीग्रेटिड पावर डेवलपमेंट स्कीम (आईपीडीएस) लोगों को झटके दे रही है। सौ करोड़ रुपये की लागत वाली इस योजना को वर्ष 2019 में पूरा होना था, लेकिन अब भी काम अधूरा है। ऐसे में बिजली निगम हर दिन कटौती कर व्यवस्था दुरुस्त करने में जुटा है। इस कारण हर दिन लोग पांच-पांच घंटे के बिजली कट से जूझ रहे हैं।
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जिले में बिजली कटौती की समस्या लंबे समय से बनी हुई है। करीब तीन साल पहले मुख्यमंत्री मनोहर लाल की अनुशंसा पर जिले को आईपीडीएस का लाभ देने का प्रस्ताव पास हुआ। वर्ष 2018 में काम शुरू हो गया। मकसद 24 घंटे बिजली उपलब्ध कराना था। इसे मार्च 2019 तक पूरा करने का लक्ष्य था। इसे फिर जून 2019 तक बढ़ा दिया गया। इसके अंतर्गत ओवरलोडेड फीडरों की जगह नए फीडर बनाकर लोड बांटने, सबस्टेशनों की क्षमता बढ़ाने, पुराने जर्जर तार की जगह आर्म्ड केबल लगाने का काम होना था। हालत यह है कि जवाहर कॉलोनी, डबुआ, सेक्टर-19, सेक्टर-6, ओल्ड फरीदाबाद, सेक्टर-28 जैसे इलाकों में अब भी काम लंबित ही है। इस कारण हर दिन करीब पांच घंटे की बिजली कटौती कर शहर में आईपीडीएस योजना को सिरे चढ़ाने के वादे हर दिन किए जा रहे हैं, किंतु काम पूरा नहीं हो पा रहा है।
इस योजना से बिजली चोरी पूरी तरह खत्म हो जाएगी। इसके बाद आम उपभोक्ताओं को पर्याप्त बिजली मिल सकेगी। आए दिन होने वाली लो वोल्टेज की समस्या भी खत्म हो जाएगी, क्योंकि यह बिजली चोरी का लोड बढ़ने से ही पैदा होती है। इसी वजह से फाल्ट आते हैं।
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ठेकेदारों की वजह से लक्ष्य प्राप्ति में देरी हुई है। कोरोना महामारी के दौरान भी काम रुका रहा, मगर अब आईपीडीएस योजना का काम लगभग पूरा हो गया है। कहीं छोटा-मोटा काम बाकी है तो उसे भी निपटाया जा रहा है। इसके लिए कुछ घंटे बिजली काटी जाती है, ताकि कोई हादसा न हो। - नरेश कक्कड़, अधीक्षण अभियंता, बिजली निगम
कटौती से जीना मुहाल
बिजली कटौती से बहुत ज्यादा परेशान है। रोज चार से पांच घंटे बिजली गायब रहती है। बिजलीघर फोन करते हैं तो वे कहते हैं कि लाइन पर काम चल रहा है। - अजय ऋषि, सेक्टर-21सी
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एक बार फाल्ट होने पर 4-5 घंटे के लिए बिजली चली जाती है। सप्लाई कब तक बहाल होगी, इसकी कोई जानकारी भी नहीं दी जाती है। - श्वेता शर्मा, सेक्टर-46
आईपीडीएस का काम पूरा होने के दावे के बाद भी बिजली समस्या में कोई खास सुधार नहीं हुआ है। अब भी मरम्मत कार्य के नाम पर बिजली कट लगाए जा रहे हैं। - गिरार्ज सिंह, सेक्टर-11
ग्रेटर फरीदाबाद में बिजली कटौती की समस्या ज्यादा है। फाल्ट और लाइन ट्रिपिंग की समस्या बरकरार है। ऐसे में जनरेट से महंगे दाम पर बिजली लेकर काम चलाना पड़ता है। - बलविंदर, ग्रेटर फरीदाबाद
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