फरीदाबाद। जिले में अब तक कोरोना के तीन मामलों की पुष्टि होने के बाद भी जिला स्वास्थ्य विभाग और जिला प्रशासन की ओर से कोई तैयारी नहीं की गई है। केंद्र और राज्य सरकार की ओर से एडवाइजरी जारी होने के बाद भी जिला अस्पताल में आरटीपीसीआर टेस्टिंग किट नहीं पहुंचीं हैं। वहीं, स्वास्थ्य विभाग के केंद्रों पर पहले जहां आरटीपीसीआर जांच की जाती थी, वहां न तो स्टाफ है और न ही टेस्टिंग से जुड़ी मशीनें चालू हालत में हैं।
केंद्र और राज्य सरकार की ओर से सभी स्वास्थ्य व्यवस्थाओं को एक्टिव मोड में रहने के स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं, लेकिन जमीनी स्तर पर हकीकत कुछ और ही नजर आ रही है। जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग की तैयारियों पर सवाल उठ रहे हैं। स्वास्थ्य विभाग ने अस्पताल के सभी कर्मचारियों व चिकित्सकों को अलर्ट मोड पर रहने को कहा है लेकिन अस्पताल में आपातकालीन स्थिति को लेकर कोई तैयारी नजर नहीं आ रही है।
अधिकारियों को आरटीपीसीआर टेस्टिंग, मेडिकल स्टाफ की तैनाती और संसाधनों की व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए कहा गया है। कोरोना काल में जिन केंद्राें पर पहले आरटीपीसीआर की जांच होती थी, अब वहां न तो कोई स्टाफ है और न ही कोरोना टेस्टिंग से जुड़ी मशीनें चालू हालत में हैं। उप सिविल सर्जन डॉ. राम भगत ने दो दिन पूर्व बताया था कि स्वास्थ्य विभाग को पत्र लिखा जा चुका है। एक दो दिन में कोरोना किट आ जाएंगी, लेकिन अभी तक कोरोना किट अस्पताल में नहीं पहुंची हैं।
इस संदर्भ में बीके अस्पताल के मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. जयंत आहूजा ने बताया िक कोरोना टेस्टिंग किट जल्द ही अस्पताल में पहुंच जाएंगी। जिसके बाद कोरोना के लक्षण वाले मरीजों की जांच शुरू कर दी जाएगी। फिलहाल जिले में तीन केस सामने आए हैं और स्थिति नियंत्रण में है।