- आने वाले मरीजों का नहीं रखते रिकॉर्ड, सादे कागज पर दवा लिखकर वापस भेज रहे
संवाद न्यूज एजेंसी
बल्लभगढ़। एम्स शाखा की इमरजेंसी में शाम को 5 बजे के बाद आने वाले मरीजों का उपचार खानापूर्ति के तौर पर किया जाता है। इन मरीजों का कोई रिकॉर्ड नहीं रखा जाता। आरोप है कि मरीजों को फर्जी पर्ची पर दवा लिखकर वापस भेज दिया जाता है।
एम्स शाखा की इमरजेंसी में हर रोज करीब 100 से अधिक मरीज उपचार करवाने के लिए आते है। जिसमें कुछ मरीज गंभीर होते है। उनको प्राथमिक उपचार देने के बाद रेफर कर दिया जाता है। वहीं इमरजेंसी में शाम को 5 बजे के बाद आने वाले मरीजों का उपचार खानापूर्ति के तौर पर किया जाता है। नियम के अनुसार इमरजेंसी में आने वाले हर मरीज की पर्ची बनाकर रजिस्टर्ड में रिकॉर्ड रखा जाना चाहिए, लेकिन देर शाम आने वाले मरीज की ना तो पर्ची बनाई जाती है और ना ही कोई दवा दी जाती है।
-
फर्जी पर्ची पर दिया उपचार
बृहस्पतिवार की शाम तेज सिंह अपने पोते गौतम (8) काे बुखार व उल्टी होने के कारण इमरजेंसी में लेकर आए थे। डॉक्टर ने तापमान चेक किया, जिसके अनुसार बच्चे को बुखार नहीं था। उसके बाद डॉक्टर ने बिना अन्य जांच किए एक फर्जी पर्ची पर चार दवा लिखकर दे दी और कहा कि 5 दिन खाने पर आराम हो जाएगा। बच्चे का रिकॉर्ड में दर्ज नहीं किया गया। वहीं बुधवार को भी एक महिला पेट दर्द के कारण इमरजेंसी में आई। डॉक्टर ने महिला से परेशानी पूछने के बाद एक इंजेक्शन लगा दिया लेकिन उसकी इमरजेंसी की पर्ची नहीं बनवाई गई। ऐसे में मरीजों का कहना है कि अगर फिर से दिक्कत होती है तो दूसरे डॉक्टर के पास उनके इलाज का कोई रिकार्ड नहीं होता।
नियम के अनुसार इमरजेंसी में आने वाले हर मरीज की सरकारी पर्ची बनाकर रिकॉर्ड में एंट्री होनी चाहिए। अगर शाम की शिफ्ट में काम करने वाले डॉक्टर पर्ची नहीं बना रहे है तो गलत है। इसको लेकर सभी डॉक्टरों को आदेश दिए जाएंगे। ताकि मरीजों को उपचार की पर्ची मिल सकें।
- डॉक्टर टी सी गिदवाल, एसएमओ, एम्स शाखा