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Faridabad News: फर्जी डीडी बनाकर करोड़ों की ठगी के आठ आरोपी गिरफ्तार

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फर्जी डीडी बनाकर करोड़ों की ठगी के आठ आरोपी गिरफ्तार
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47 लाख रुपये, ब्रेजा गाड़ी, फर्जी डीडी बनाने में प्रयोग मोहर, लैपटॉप, प्रिंटर और अन्य सामान बरामद
फरीदाबाद, दिल्ली व रोहतक के बैंकों से साढे तीन करोड़ रुपये ठगे थे, आरोपियों को जेल भेजा गया

संवाद न्यूज एजेंसी
फरीदाबाद। फर्जी डिमांड ड्राफ्ट के माध्यम में बैंकों में ठगे करने के आरोप में एनआईटी थाना पुलिस ने आठ लोगों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों ने फरीदाबाद, दिल्ली और रोहतक के बैंकों में नकली डीडी लगाकर 3.50 करोड़ की ठगी की थी। इनके पास से करीब 47 लाख रुपये, एक ब्रेजा गाडी, फर्जी डीडी बनाने में प्रयोग मोहर, लैपटॉप, प्रिंटर और अन्य सामान बरामद किया है। आरोपियों को अदालत में पेश कर जेल भेज दिया गया।

एनआईटी पांच थाना प्रभारी इंस्पेक्टर सुनीता ने बताया आरोपियों ने नकली डीडी के माध्यम से एनआईटी स्थित यूनियन बैंक ऑफ इंडिया शाखा से एक करोड़ की ठगी की थी। डीडी 17 जनवरी को दिल्ली स्थित ईकेईएन वेयर हाउस एंड लॉजिस्टिक नाम से बनाया गया था। बैंक प्रबंधक की शिकायत पर थाना एनआईटी में केस दर्ज किया गया था। आरोपियों की पहचान दिल्ली के मुखर्जी नगर के गांव धीरपुर निवासी गौरव, दिल्ली के अशोक विहार फेज-2 निवासी विजय कुमार, उत्तर प्रदेश के बागपत जिले के बड़ौत निवासी मधुर, उत्तर प्रदेश के आगरा जिले के शमशाबाद निवासी अमित, फरीदाबाद सेक्टर-16 निवासी संजय, बल्लभगढ हाउसिंग बोर्ड काॅलोनी सेक्टर-तीन निवासी प्रदीप धवन उर्फ राजू, एनआईटी निवासी जगन सिंह और बल्लभगढ सुभाष कॉलोनी निवासी ओमकार के रूप में हुई है।
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थाना प्रभारी की अगुआई में एसआई नरपत सिंह और एएसआई सुनील कुमार ने 15 फरवरी को ओमकार और जगन को गिरफ्तार किया गया था। आरोपियों ने बताया 17 जनवरी को दिल्ली स्थित ईकेईएन वेयर हाउस व लॉजिस्टिक के नाम से एक करोड़ रुपये का डीडी बनवाया गया था। गौरव ने असली डीडी का रंगीन प्रिंटर से नकली डीडी बना दिया। इसके बाद असली डीडी को बैंक में ले जाकर कैंसल करा दिया गया। अमित ने 19 जनवरी को बाटा चौक के पास विजय कुमार और संजय को नकली डीडी सौंप दिया। संजय, प्रदीप व ओमकार बिजनेस पार्टनर हैं। ओमकार की संजय कॉलोनी में वर्कशॉप है। ओमकार ने एनआईटी स्थित यूनियन बैंक में जाकर नकली डीडी से खाते में एक करोड़ रुपये ले लिए और 85 लाख रुपये जगन के खाते एसके इंटरप्राइजेज में भेज दिए। शिकायत मिलने पर पुलिस ने आरोपी ओमकार के खाते को सीज करा दिया था। इधर, जगन ने अपने खाते से संजय, प्रदीप, व परिवार के चार खातों में पैसे भेज दिए। आरोपियों ने बताया उन्होंने पहले रोहतक और दिल्ली में ढाई करोड़ के नकली डीडी बनाकर ठगी की वारदात को अंजाम दिया है। मामले में शामिल अन्य आरोपियों की तलाश की जा रही है।
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