फरीदाबाद। संक्रमण से जंग में नीम की गोलियां इतनी कारगर हो सकती हैं कि कोरोना हो भी जाए तो जान का जोखिम नहीं होगा। यह खुलासा ईएसआईसी मेडिकल कॉलेज में हुई रिसर्च में हुआ है। रिसर्च में पाया गया कि यदि स्वस्थ व्यक्ति लगातार 28 दिन तक नीम की गोलियों का सेवन सुबह और शाम दिन में दो बार करता है तो वह संक्रमण रोधी प्रतिरोधक क्षमता विकसित कर लेता है। यह वैक्सीन जितना कारगर है।
नियमित नीम की गोलियों का सेवन करने पर यदि किसी व्यक्ति को संक्रमण होता भी है तो यह मामूली वायरल जितना ही असर करेगा। ऐसे में कोरोना से जान जाने का खतरा कई गुना कम होगा। डॉक्टरों का दावा है कि इस उपाय को अपनाकर लाखों जिंदगियां बचाई जा सकती हैं।
ऑल इंडिया इंस्टीट्युट ऑफ आर्युवेद, निसाग्र बायोटेक और ईएसआईसी मेडिकल कॉलेज की ओर से संयुक्त रूप से यह रिसर्च की गई। इसमें 190 ऐसे लोगों पर रिसर्च की गई जो या तो स्वास्थ्य कर्मी थे या उनसे जुड़े हुए लोग थे। इसमें 18 से 60 की उम्र के लोगों को शामिल किया गया। इसमें से कुछ लोगों को सुबह-शाम 28 दिन तक 50 एमजी की नीम की गोलियां दी गईं। कुछ को प्रयोग औषधि (प्लेसिबो) दी गई। ऐसे में नीम की गोलियां खाने वालों पर संक्रमण का प्रभाव होने का खतरा 50 फीसदी से कम रह गया। देश में अपने तरह की यह पहली रिसर्च है, इसे अंतरराष्ट्रीय मेडिकल जरनल अलरनेटिव थेरेपी इन हेल्थ एंड मेडिसिन में जगह मिली है। इस अध्ययन को इंस्टीट्यूशन एथिकल कमेटी की ओर से मंजूरी मिली है। यह क्लीनिक्ल ट्रायल रजिस्ट्री ऑफ इंडिया में पंजीकृत रिसर्च है।
कई बिंदुओं में सामने आए लाभ
- यह किफायती है, अधिकतम 30 से 40 रुपये के मासिक खर्च पर जिंदगी बचाई जा सकती है।
- नीम की गोलियां खाने से वैक्सीन की दो डोज के बीच भी संक्रमण के खतरे को कम किया जा सकता है।
- जिन लोगों को वैक्सीन नहीं लगी है वह इसका काफी लाभ ले सकते हैं।
- यह किफायती तरीका है जो मोटापे, मधुमेह से परेशान लोगों में भी फायदेमंद मिला।
इन लोगों ने की रिसर्च
निसाग्र बायोटेक लिमिटेड के संस्थापक निरीश सोमान
ईएसआईसी मेडिकल कॉलेज के एमडी डॉ. एके पांडेय,
ऑल इंडिया इंस्टीट्यूट ऑफ आर्युवेद की डॉ. तनुजा निसारी
अगस्त से दिसंबर 2020 में यह रिसर्च कोरोना की पहली लहर को देखते हुए की गई। खुशी है कि किफायती व पुरानी भारतीय औषधि कोविड-19 से बचाव में कारगर साबित हुई। जल्द राज्य व केंद्र सरकार को पत्र लिखकर जनहित में इस रिसर्च को लाकर लोगों को नीम की गोलियां खाने के लिए प्रेरित करने की अपील की जाएगी।
- डॉ. एके पांडेय, रजिस्ट्रार, ईएसआईसी मेडिकल कॉलेज