संवाद न्यूज एजेंसी
फरीदाबाद। समय पर जांच और आधुनिक चिकित्सा तकनीक के माध्यम से पेट के कैंसर को बनने से पहले ही रोकने का एक सफल मामला सामने आया है। 72 वर्षीय बुजुर्ग मरीज लंबे समय से पेट दर्द, भूख न लगने और पेट फूलने की समस्या से परेशान थे। विस्तृत जांच में एंडोस्कोपी के दौरान पेट की अंदरूनी परत में असामान्य बदलाव पाए गए। आगे की बायोप्सी जांच में यह स्थिति प्री-कैंसर पाई गई, जो समय पर इलाज न होने पर कैंसर में बदल सकती थी।
इसके बाद शहर के यथार्थ हॉस्पिटल में मरीज का उन्नत और मिनिमली इनवेसिव तरीके से इलाज किया गया। अस्पताल के कंसल्टेंट गैस्ट्रोएंटरोलॉजी एवं हेपेटोलॉजी डॉ. ध्रुव कांत मिश्रा ने बताया कि मरीज में इंटेस्टाइनल मेटाप्लेसिया की पुष्टि हुई थी। विशेषज्ञ टीम ने बिना चीरा लगाए असामान्य टिशू को पूरी तरह हटा दिया गया।
यह डे-केयर प्रक्रिया बिना किसी जटिलता के सफल रही और मरीज को उसी दिन स्थिर अवस्था में छुट्टी दे दी गई। डॉक्टरों के अनुसार, यह मामला प्रिवेंटिव ऑन्कोलॉजी और समय पर निदान की अहमियत को दर्शाता है, जिससे बड़ी सर्जरी और कैंसर जैसी गंभीर बीमारी से मरीज को बचाया जा सका।