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नीमका जेल में खोला जाएगा ई-संजीवन केंद्र

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नीमका जेल में खोला जाएगा ई-संजीवन केंद्र
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फरीदाबाद। नीमका जेल के कैदियों को इलाज के लिए अब अटल बिहारी वाजपेयी नागरिक अस्पताल लाने की जरूरत नहीं पड़ेगी। जेल में केंद्र सरकार की ई-संजीवनी योजना के तहत केंद्र खोला जाएगा। वीडियो कॉल के माध्यम से ही बंदी डॉक्टरों से चिकित्सकीय परामर्श ले सकेंगे। जेल अधीक्षक जय किशन छिल्लर ने बताया कि लॉकडाउन के दौरान अस्पतालों में आपातकालीन सेवाओं को छोड़कर सभी प्रकार के इलाज की सेवाएं बंद थी। इस दौरान स्वास्थ्य विभाग के चिकित्सकों ने फोन पर मरीजों को इलाज की सुविधा उपलब्ध करवाई थी। प्रदेश में डॉ. उपेंद्र भारद्वाज ने सबसे अधिक 1022 लोगों को चिकित्सकीय परामर्श दिया। इनके बाद डॉ. अरुणा गोयल ने 353 लोगों को टेली कंसलटेशन दी थी। डॉक्टरों के इस कार्य से स्वास्थ्य निदेशालय काफी प्रभावित हुआ है। अब इसे प्रभावी ढंग से लागू करने का फैसला किया है। इसकी शुरुआत नीमका जेल के बंदियों से होगी। इससे पुलिस और स्वास्थ्य अधिकारियों को लाभ मिलेगा। क्योंकि पुलिस को बंदियों को अस्पताल तक ले जाने पर काफी इंतजाम करने पड़ते हैं।
उन्होंने कहा कि ई-संजीवनी केंद्र के लिए नीमका जेल की डिस्पेंसरी और नागरिक अस्पताल के कॉन्फ्रेंस हॉल को स्टूडियो में बदला जाएगा। दोनों ही स्थानों पर स्क्रीन, कैमरे और साउंड सिस्टम लगाया जाएगा। जेल अधीक्षक ने बताया कि ई-संजीवनी योजना के तहत शुरू होने टेली कंसलटेशन का लाभ सामान्य लोगों को भी मिलेगा। इसके लिए 15 डॉक्टर तैनात किए जाएंगे।
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कोरोनाकाल में जेल में शुरू की गई टेली कंसलटेंसी सुविधा का व्यापक असर देखने को मिला है। इसलिए ई-संजीवनी योजना को प्रभावशाली बनाए जाने का फैसला लिया गया है, जिससे की ज्यादा से ज्यादा लोगों को लाभ मिल सकेंगे।
- डॉ. रणदीप सिंह पूनिया, मुख्य चिकित्सा अधिकारी
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