सांस और आंखों से जुड़ी बीमारियों का खतरा बढ़ा, विभाग नहीं दे रहा ध्यान
संवाद न्यूज एजेंसी
छांयसा। मोहना से बागपुर को जोड़ने वाला मुख्य मार्ग इन दिनों लोगों के लिए मुसीबत का सबब बन गया है। सड़क इतनी बुरी तरह टूट चुकी है कि इस पर चलना वाहन चालकों के लिए किसी चुनौती से कम नहीं। जगह-जगह गहरे गड्ढों और उड़ती धूल की वजह से यात्रियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। लगातार धूल के गुब्बार उठने से लोगों में सांस और आंखों से जुड़ी बीमारियों का खतरा बढ़ गया है, लेकिन उसके बावजूद भी संबंधित विभाग की ओर से कोई ठोस कार्रवाई नजर नहीं आ रही।
स्थानीय लोगों का कहना है कि जब भी कोई वाहन इस मार्ग से गुजरता है तो धूल का बादल उठ जाता है, जिससे सामने का रास्ता देख पाना भी मुश्किल हो जाता है। कई बार इसी कारण वाहन चालक नियंत्रण खो देते हैं और दुर्घटना का शिकार हो जाते हैं। ग्रामीणों के मुताबिक यह स्थिति पिछले कई महीनों से बनी हुई है लेकिन पीडब्ल्यूडी द्वारा इस दिशा में गंभीरता नहीं दिखाई जा रही।
गौरतलब है कि इस सड़क के निर्माण का शिलान्यास केंद्रीय मंत्री कृष्णपाल गुर्जर ने तीन महीने पहले किया था। उस दौरान उन्होंने आश्वासन दिया था कि सड़क निर्माण कार्य तीन महीने के भीतर पूरा कर दिया जाएगा। लेकिन तीन महीने बीत जाने के बाद भी सड़क पर सिर्फ एक पुलिया निर्माण का कार्य चल रहा है, बाकी सड़क जस की तस पड़ी हुई है। बारिश के दौरान गड्ढों में जमा पानी से सड़क और अधिक जर्जर हो जाती है, जिससे हादसों की आशंका कई गुना बढ़ जाती है।
बागपुर निवासी राज का कहना है कि इस रास्ते से गुजरना बेहद जोखिम भरा हो गया है। इतनी धूल उड़ती है कि कुछ दिखाई ही नहीं देता। कई बार सामने से आने वाला वाहन भी नजर नहीं आता, ऐसे में हादसे होना आम बात हो गई है। वहीं निवासी सलमान का कहना है कि इस रास्ते पर आए दिन हादसे होते रहते हैं, लेकिन शिकायतों के बावजूद भी प्रशासन की ओर से कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा। ग्रामीणों का कहना है कि अब तक कई वाहन चालाक और बाइक सवार चोटिल हो चुके हैं, इसके बावजूद हालात जस के तस बने हुए हैं।
इस मामले पर पीडब्ल्यूडी के कार्यकारी अभियंता प्रकाश लाल ने बताया कि अभी पुलिया निर्माण का कार्य चल रहा है। जैसे ही यह कार्य पूरा होगा, उसके बाद सड़क निर्माण का काम शुरू कर दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि विभाग की ओर से कार्य में तेजी लाने के आदेश दिए गए हैं और जल्द ही लोगों को राहत मिलेगी।
स्थानीय लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि निर्माण कार्य में तेजी लाई जाए, ताकि रोजाना होने वाली परेशानियों और दुर्घटनाओं से छुटकारा मिल सके। ग्रामीणों का कहना है कि यदि कार्य में देरी होती रही तो आने वाले दिनों में स्थिति और अधिक भयावह हो सकती है।