फरीदाबाद। ऑनलाइन ऑक्सीजन कन्संट्रेटर बेचने के नाम पर आरोपियों ने हजारों लोगों से ठगी की थी। गिरोह के बदमाश कन्संट्रेटर बेचने के लिए 1000 से 1500 रुपये की टोकन राशि जमा करने को कहते थे। ग्राहकों को शेष रकम डिलवरी के समय देने को कहा जाता था। पैसे लेने के बाद वह फोन ऑफ कर लेते थे। आरोपियों से पूछताछ में इसका खुलासा हुआ है। पुलिस के मुताबिक पैसे लेने के बाद आरोपियों ने एक भी ऑक्सीजन कन्संट्रेटर की सप्लाई नहीं की थी।
साइबर थाना पुलिस ने ऑक्सीजन कन्संट्रेटर के नाम पर ऑनलाइन ठगी के पांच आरोपियों को गिरफ्तार कर पांच दिन के रिमांड पर लिया था। आरोपियों ने पूछताछ में कई खुलासे किए हैं। गिरोह के बदमाश ठगी कर एक करोड़ रुपये से ज्यादा की रकम जुटा चुके हैं। रिमांड के दौरान पुलिस को पता चला कि बदमाश ऑक्सीजन कन्संट्रेटर बेचने के बहाने लोगों से ई-वॉलेट या ई-बैंकिंग से टोकन के तौर पर 1000 से 1500 रुपये ट्रांसफर करने को कहते थे। इसके बाद अपने मोबाइल को ऑफ कर लेते थे। पुलिस अभी तक ऐसे 75 बैंक खातों का पता लगा चुकी है। जिनमें आरोपी पैसों का लेन-देन कर रहे थे।
आरोपियों में अलीगढ़ उत्तर प्रदेश निवासी विशाल उर्फ रोहदास, चंद्रशेखर, गाजियाबाद निवासी नितेश, मुजफ्फरनगर निवासी ललित और दिल्ली निवासी अभिनव शामिल हैं। इनमें से ललित बैंक खाते खोलकर पैसों ठगी के पैसों की हेराफेरी, बैंक खातों व डेबिट कार्ड की व्यवस्था करता था। जिससे ठगी के पैसों को खातों में मंगवाकर निकाला जा सके। इसके अलावा आरोपी फर्जी दस्तावेजों के सहारे बैंकों में खाता खोलने से लेकर लोगों को पैसों का लालच देकर उनके नाम से भी खाता खुलवाता था।
ठगी की रकम से करते थे अय्याशी
पुलिस रिमांड में आरोपियों ने बताया कि ठगी से हासिल की गई रकम से वह खुलकर अय्याशी करते थे। आरोपियों ने महंगे फोन, कार, इलेक्ट्रॉनिक गैजेट्स व महंगे ब्रेसलेट खरीदे थे। साथ ही नशा करने में भी खूब रकम उड़ाते थे। पकड़े गए आरोपी विशाल उर्फ रोहदास पर 10 से अधिक मामले दर्ज हैं। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से करीब 9 लाख रुपये, 25 सिम कार्ड व कई डेबिट व क्रेडिट कार्ड बरामद किए थे।