पुलिस की तरफ से गुरुवार शाम से ही धार्मिक स्थलों की सुरक्षा बढ़ा दी गई थी। सभी थाना प्रभारियों ने अपने-अपने इलाके में आने वाली मस्जिदों के मौलवियों के साथ बैठक की। इस दौरान बताया गया कि प्रशासन के आदेश के मुताबिक पांच या पांच से अधिक लोग एकसाथ एकत्रित नहीं हो सकते। इस कारण मस्जिद में नमाज अदा न करें। एहतियात के तौर पर पुलिस के साथ ही सशस्त्र सीमा बल के जवान भी मस्जिदों के सामने तैनात रहे। वहीं, पुलिस आयुक्त और उपायुक्त ने कई मस्जिदों का दौरा कर हालातों का जायजा लिया। उधर, नेट सुविधा में शुक्रवार को कोई छूट नहीं दी गई।
पुलिस आयुक्त विकास अरोड़ा ने जिले में शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए दो दिन पहले फ्लैग मार्च निकाला था। इस सबके बावजूद कई घटनाएं हो चुकी हैं, जिससे लोगों में भय बना हुआ है। जुमे की नमाज को लेकर अंदेशा लगाया जा रहा था कि एक साथ लोगों के एकत्रित होने के मामला बिगड़ सकता है। पुलिस के निर्देश के बाद गुरुवार शाम को ही मस्जिदों से लाउडस्पीकरों के माध्यम से सूचना दी गई कि लोग घर में रहकर ही नमाज अदा करें। अप्रिय घटना को रोकने के लिए पुलिस बल की मौजूदगी में मस्जिदों के मुख्य गेट पर ताले लगवा दिए गए।
बड़खल रोड स्थित दिल्ली वाली मस्जिद, सेक्टर-छह ईदगाह, ओल्ड फरीदाबाद तालाब रोड मस्जिद, सराय, पल्ला, एनआईटी तीन, सीकरी आदि सभी बड़ी मस्जिदों के आसपास एक अगस्त से ही पुलिस बल तैनात है। गुरुवार रात से इन स्थानों पर सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी गई। पुलिस आयुक्त का कहना है शहर में शांति बनाए रखने के लिए पुलिस हरसंभव प्रयास कर रही है। लोग अफवाहों पर ध्यान ना दें और किसी भी भ्रामक बात को फैलाने से बचें। भीड़भाड वाली जगहों पर ज्यादा देर ना रुकें।