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जिला शिक्षा अधिकारी ने देखी तंग इमारत जहां चलता था प्ले स्कूल

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मूर्ति दलाल
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फरीदाबाद। कपड़े की दुकान में हुए अग्निकांड के बाद चर्चा में आए डबुआ कॉलोनी स्थित एएनडी कॉन्वेंट स्कूल की मान्यता पर शिक्षा विभाग में खलबली मची हुई है। रविवार को जिला शिक्षा अधिकारी सतेंद्र कौर घटनास्थल पर मुआयना करने पहुंचीं। आसपास के लोगों से भी उन्होंने पूछताछ की। लोगों से बातचीत के बाद शिक्षा विभाग को पता चला कि इस इमारत में भूतल पर प्ले स्कूल और पहली-दूसरी मंजिल पर प्राथमिक स्कूल संचालित किया जाता था।
मुआयने के बाद भी अधिकारी स्कूल के प्राथमिक या प्ले स्कूल स्तर की पुष्टि करने से बच रहे हैं। दरअसल, शिक्षा विभाग स्कूल मान्यता को लेकर खुद सवालों के घेरे में है। एक ओर जहां स्कूल निदेशालय की ओर से जारी सूची में फरीदाबाद के 134 गैर मान्यता प्राप्त स्कूलों में एएनडी का भी नाम शामिल था। वहीं, दूसरी ओर जिला शिक्षा विभाग ने अपने रिकॉर्ड में स्कूल को 10वीं तक मान्यता प्राप्त दर्शाया है। निदेशालय की सूची में गैर मान्यता और स्थानीय सूची में मान्यता के बाद शिक्षा विभाग की किरकिरी हो रही है। ऐसे में सोमवार को इस स्कूल की मान्यता की पुष्टि करने के लिए आधिकारिक बैठक बुलाई गई है। इसके बाद आला अधिकारियों को जिला शिक्षा अधिकारी जवाब देंगी।
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रविवार को घटनास्थल पर पहुंची जिला शिक्षा अधिकारी सतेंद्र कौर हालात देख हैरान थी। तंग गली में संचालित इस स्कूल के हालात देख शिक्षा अधिकारी ने इलाके के ही कुछ अन्य स्कूलों का भी मुआयना किया। कुछ ही दूरी पर स्थित एडी पब्लिक स्कूल पास हो गया जबकि एक अन्य सन ब्राइट पब्लिक स्कूल भी एएनडी स्कूल की तरह हादसे को न्यौता देता दिखा। यह भी तंग गली में बनी स्कूल की संकरी इमारत थी। स्कूल बंद होने के कारण अधिकारी अंदर के हालात का जायजा नहीं ले सकी लेकिन स्थिति देख हैरान जरूर थीं।
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जिला स्तर पर पर्यवेक्षक टीमों का होगा गठन
जिला शिक्षा अधिकारी सतेंद्र कौर का कहना है कि सोमवार को स्कूलों की गंभीर स्थिति से निपटने के लिए एक बैठक बुलाई गई है। इसमें जिला स्तर पर कई पर्यवेक्षक टीमों का गठन किया जाएगा। टीम में राजकीय स्कूलों के प्रधानाचार्य व अन्य लोग शामिल होंगे। यह टीम निजी स्कूलों का जायजे के आधार पर रिपोर्ट तैयार कर शिक्षा विभाग को सौंपेगी। गर्मियों में बंद किए गए स्कूलों को खोलने और मौके पर स्टाफ के मौजूद रहने के निर्देश भी संचालकों को दिए जाएंगे। जिससे जांच टीम पूरी तरह संतुष्टि के साथ स्कूलवार रिपोर्ट तैयार कर सके।
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