फरीदाबाद। शहर के ड्रग्स गैंग का किंग कहे जाने वाले बिजेंद्र उर्फ लाला ने अग्रिम जमानत के लिए याचिका लगाई। जिसे अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश की अदालत ने खारिज कर दिया। लाला शहर में चल रहे नशे के कारोबार का सबसे बड़ा स्रोत है।
मई माह में ओल्ड फरीदाबाद निवास एमबीए अंतिम वर्ष के छात्र कवीश की मौत ड्रग्स की ओवरडोज के कारण हो गई थी। इस मामले में पकड़े गए आरोपियों ने कबूला था कि कविश को दिया गया ड्रग उन्होंने लाला के माध्यम से खरीदा रहा। क्राइम ब्रांच डीएलएफ को तभी से बिजेंद्र उर्फ लाला की तलाश है। लाला के वकील ने अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश नाजर सिंह की अदालत में अग्रिम जमानत याचिका लगाई थी। याचिका पर जवाब देते हुए क्राइम ब्रांच डीएलएफ ने अदालत को बताया कि लाला के खिलाफ 18 मामले दर्ज हैं। इनमें हत्या, हत्या का प्रयास व ड्रग्स तस्करी जैसे संगीन मामले भी शामिल हैं। लंबी बहस के बाद अदालत ने लाला की याचिका खारिज कर दी।
पचास हजार का इनामी है लाला
लाला शहर में फैले नशे के कारोबार का किंग कहा जाता है। एमबीए छात्र की मौत के बाद क्राइम ब्रांच के छापे के बाद से लाला फरार है। पुलिस उसकी गिरफ्तारी के काफी प्रयास कर चुकी है, लेकिन अभी तक वह हाथ नही लगा है। लाला का पता बताने पर पुलिस ने 50 हजार रुपये का इनाम भी घोषित कर रखा है। सेक्टर-22 की मच्छी मार्केट में लाला ने अपना अड्डा बना रखा है। करीब तीन साल पहले क्राइम ब्रांच की टीमों ने संयुक्त रूप से 15 अक्तूबर 2018 को उसके अड्डे पर छापा मारा था। उस समय करीब 19 लाख रुपये और बड़ी मात्रा में गांजे की खेप बरामद की थी। लाला तब भी पुलिस से बच निकला था। उसके बाद पुलिस ने मौके से लाला के पिता जानी को गिरफ्तार किया था। बाद में पुलिस ने लाला को भी दबोच लिया। दो साल जेल में रहने के बाद लाला को हाईकोर्ट से जमानत मिल गई। जेल से बाहर आकर उसने फिर से नशे का कारोबार शुरू कर दिया।