निगम अधिकारियों को कई बार फोन करने के बाद सप्ताह में एक दिन होती है सप्लाई
कोई समय भी निर्धारित नहीं, कभी रात 12 बजे पानी छोड़ा जाता है तो कभी रात 2 बजे
अमर उजाला ब्यूरो
फरीदाबाद। सेक्टर-23 स्थित संजय कॉलोनी निवासी तीन माह से पेयजल संकट से जूझ रहे हैं। हालात यह हैं कि नगर निगम अधिकारियों को कई बार फोन करने के बाद सप्ताह में एक दिन सप्लाई शुरू की जाती है। उसका भी कोई समय निर्धारित नहीं है। कभी रात 12 बजे पानी छोड़ा जाता है तो कभी रात 2 बजे। ऐसे में लोगों को जागकर रात काटनी पड़ती है, जिससे लोग बेहद परेशान है।
सेक्टर-23 संजय कॉलोनी में करीब 10 हजार परिवार रहते हैं। यहां पेयजल आपूर्ति सेक्टर-25 बूस्टर से होती है। तीन माह से कॉलोनी में पेयजल समस्या बनी हुई है। स्थानीय लोगों ने बताया कि पहले दो दिन में पानी आता था। अब स्थिति यह है कि सप्ताह में एक दिन पेयजल आपूर्ति होती है। उसका भी कोई समय निर्धारित नहीं है। कभी रात 12 बजे सप्लाई शुरू की जाती है तो कभी रात 2 बजे, तो कभी 4 बजे पानी छोड़ते हैं। इस कारण रातभर जगना पड़ता है। अगर किसी दिन पानी भर पाते हैं तो अगले दिन पानी के लिए टैंकरों के चक्कर काटने पड़ते हैं। कॉलोनी में नगर निगम की तरफ से कोई सरकारी टैंकर भी नहीं आता है, जिसके चलते प्राइवेट टैंकरों पर निर्भर रहना पड़ता है। प्राइवेट टैंकर वालों ने कॉलोनी में पानी की समस्या को देखते हुए रेट बढ़ा दिए हैं। पहले एक टैंकर 900 रुपये का आता था। वह अब 11 से 1200 रुपये आ रहा है। दूसरी तरफ नगर निगम को पानी का बिल भी भरना पड़ता है। ऐसे में लोग पानी को लेकर दोहरी मार झेल रहे हैं। कई बार नगर निगम अधिकारियों को शिकायत दी गई लेकिन आश्वासन के बावजूद समस्या का कोई समाधान नहीं हुआ, जिससे लोगों को काफी दिक्कत झेलनी पड़ रही है।
लोगों से बातचीत
कॉलोनी में पेयजल आपूर्ति का बुरा हाल है। प्राइवेट टैंकरों से पानी खरीदकर काम चलाना पड़ रहा है। नगर निगम लोगों की समस्या पर बिल्कुल ध्यान नहीं देता है।
- शारदा सिंह
निगम अगर पानी की आपूर्ति ठीक नहीं कर सकता है तो रोज सरकारी टैंकरों से पानी सप्लाई करें, जिससे लोगों को कुछ राहत मिल सके और उनके पानी के बिल भी माफ किए जाएं।
-मुकेश, स्थानीय निवासी
एफएमडीए की ओर से सेक्टर-25 बूस्टर तक पूरा पानी पहुंचाया जा रहा है। यदि आगे सप्लाई में कहीं कोई दिक्कत आ रही है तो निगम का काम है, इसके लिए निगम अधिकारियों से बात की जाएगी।
- डॉ. गरिमा मित्तल, अतिरिक्त सीईओ, फरीदाबाद महानगर विकास प्राधिकरण