मलबरी काउंटी सोसाइटी का मामला, पिछले कुछ महीनों में 50 से अधिक लोगों पर हमला कर चुके हैं कुत्ते
सोसाइटी के लोगों ने प्रशासन के खिलाफ विरोध-प्रदर्शन किया
संवाद न्यूज एजेंसी
बल्लभगढ़।
सेक्टर-70 स्थित मलबरी काउंटी सोसाइटी में लावारिस कुत्तों का बढ़ता आतंक निवासियों के लिए गंभीर समस्या बन गया है। मंगलवार की शाम को दोस्तों के साथ सोसाइटी के अंदर साइकिल चला रहे 10 साल के पार्थ के ऊपर 7 से 8 लावारिस कुत्तों ने हमला कर दिया। हमले में बच्चे के सिर सहित पूरे शरीर पर 50 से अधिक जगह चोट लगी है। सोसाइटी के लोग बच्चे को तुरंत बल्लभगढ़ के सरकारी अस्पताल लेकर गए। जहां डॉक्टरों ने हालत गंभीर होने पर दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल रेफर कर दिया।
दिल्ली ले जाते वक्त हालत गंभीर होने पर बच्चे को उपचार के लिए सेक्टर-21ए स्थित निजी अस्पताल में भर्तीं कराया गया। जहां बुधवार को बच्चे के सिर की सर्जरी की गई। सोसाइटी के लोगों का दावा है कि पिछले कुछ महीनों में कुत्ते 50 से अधिक लोगों पर हमला कर चुके हैं। मामले को लेकर बुधवार की सुबह सोसाइटी के लोगों ने डंडा लेकर साेसाइटी में आ रहे कुत्तों को भगाया। इसके साथ ही प्रशासन के खिलाफ विरोध प्रदर्शन भी किया।
आईएमटी क्षेत्र सेक्टर-70 में स्थित मलबरी काउंटी सोसाइटी में करीब 600 फ्लैट हैं। जहां पर 3 हजार से अधिक लोग रहते हैं। इस सोसाइटी में कुछ डॉग लवर भी हैं जो लावारिस कुत्तों को सोसाइटी के अंदर खाना खिलाते हैं। इसी कारण सोसाइटी में कुत्तों की संख्या दिन प्रतिदिन बढ़ती जा रही है। सोसाइटी के टावर ए में रहने वाले धीरेंद्र तेवतिया और सरिता के दो बेटे हैं। उन्होंने बताया कि उनका छोटा बेटा 10 साल का पार्थ मंगलवार की शाम को खेलते हुए बेसमेंट में दोस्तों के साथ साइकिल चला रहा था। तभी उसकी साइकिल की चेन उतर गई । इसी दौरान बेसमेंट में मौजूद 7 से 8 लावारिस कुत्तों ने उसके ऊपर हमला कर दिया। पार्थ के चिल्लाने की आवाज सुनकर उसके दोस्त आए तो देखा की कुत्ते हमला कर रहे हैं। पार्थ के ऊपर कुत्तों द्वारा हमला करने के बाद सभी दोस्त बेसमेंट से भाग कर सोसाइटी के मुख्य द्वार पर मौजूद सुरक्षाकर्मी के पास गए। तब सुरक्षाकर्मी डंडा लेकर पहुंचे और कुत्तों को भगया। 10 मिनट के अंदर कुत्तों ने पार्थ को गंभीर रूप से घायल कर दिया।
डाॅग लवर की वजह से हुई घटना
निवासियों का आरोप है कि कुछ लोग नियमित रूप से लावारिस कुत्तों को खाना खिलाते हैं, जिसके कारण उनकी संख्या लगातार बढ़ रही है। निवासी सुरेश बंसल के अनुसार कुत्ते सोसाइटी के बेसमेंट, पार्क और अन्य हिस्सों में घूमते रहते हैं तथा आए दिन लोगों पर हमला कर रहे हैं। सुरक्षा कर्मी भी उन्हें रोकने में असमर्थ हैं। लाखों रुपये खर्च कर फ्लैट खरीदने के बावजूद लोग अपने बच्चों को बाहर खेलने भेजने से डरते हैं। उनका कहना है कि नगर निगम को कई बार शिकायत देने के बाद भी केवल औपचारिक कार्रवाई होती है और कुछ कुत्तों को पकड़कर मामला शांत कर दिया जाता है। लोगों का कहना है कि सोसाइटी के बाहर 50 मीटर की दूरी पर कुत्तों के लिए फीडिंग प्वाइंट बनाया हुआ है। उसके बावजूद कुछ लोग सोसाइटी के अंदर कुत्तों को खाना खिलाते हैं।
क्या कहते है लोग
उनका बेटा पार्थ शाम को साइकिल चलाने के लिए सोसाइटी के बेसमेंट में चला गया था। कुछ देर के बाद उनको सूचना मिली की कुत्तों ने हमला कर दिया। उनके बेटे की हालत अभी गंभीर है।- सरिता, पार्थ की मां
सोसाइटी में इस तरह की घटना आए दिन देखने को मिलती है। पहले भी सोसाइटी के कई लोगों पर कुत्तों ने हमला कर दिया है। उसके बावजूद प्रशासन की ओर से कोई सख्त कार्रवाई नहीं की जा रही है।-धीरेंद्र तेवतिया, पार्थ के पिता
कुत्तों को लेकर सोसाइटी में रहने वाले लोग काफी परेशान हैं। बच्चों के साथ बुजुर्ग भी सोसाइटी में घूमने से डरते हैं। इस घटना के बाद सोसाइटी के अंदर लावारिस कुत्तों को आना पूर्ण रूप से बंद होना चाहिए।- राजश्री गुप्ता, निवासी
बच्चे सोसाइटी के अंदर खेलने की जिद करते हैं लेकिन परिजन कुत्तों के डर से नहीं भेजते हैं। इस वजह से बच्चों का समय फोन और टीवी देखते हुए गुजर रहा है।- प्रिया, निवासी
शहर में 50 हजार से अधिक लावारिस कुत्ते
फरीदाबाद। स्मार्ट सिटी फरीदाबाद में मौजूदा समय में करीब 50 हजार से अधिक लावारिस कुत्ते हैं, जिनका शहर में सड़क से लेकर गलियों तक आतंक है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि नगर निगम इन लावारिस कुत्तों को पकड़ता नहीं है। इससे अक्सर से लोगों पर हमला कर देते हैं
साढ़े तीन साल में 81 हजार से ज्यादा लोगों को कुत्तों ने काटा
वर्ष 2026 : इस साल अब तक करीब 7,763 लोग कुत्तों के हमले का शिकार हो चुके हैं।
वर्ष 2025: रिकॉर्ड 28,478 डॉग बाइट के मामले सामने आए।
वर्ष 2024: 23,215 लोगों को कुत्तों ने काटा।
वर्ष 2023: 21,600 लोग डॉग बाइट का शिकार हुए।
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दो साल में 7 हजार कुत्तों की नसबंदी, एंटी-रेबीज टीकाकरण हुआ
नगर निगम द्वारा संचालित पशु जन्म नियंत्रण (एबीसी) कार्यक्रम के तहत पिछले दो वर्षों में 7,000 से अधिक आवारा कुत्तों की नसबंदी और एंटी-रेबीज टीकाकरण किया गया है। कार्यक्रम की प्रभारी वृंदा शर्मा ने बताया कि वर्तमान में एसी नगर, एसजीएम नगर और सिही गांव जैसे क्षेत्रों में विशेष अभियान चलाया जा रहा है, जहां पहले नसबंदी की दर कम थी। उन्होंने कहा कि नियमों के तहत नसबंदी और टीकाकरण के बाद कुत्तों को उनके मूल स्थान पर ही छोड़ा जाता है।
पिछले कुछ वर्षों में हुईं कुत्तों के हमलों की प्रमुख घटनाएं
15 मई 2026ः ग्रीन फील्ड कॉलोनी में तीन कुत्तों ने तीन साल की लवण्या पर हमला कर दिया था।
28 दिसंबर 2025: बल्लभगढ़ के एक पार्क के पास काम कर रहे सलमान नाम के युवक पर कुत्तो के झुंड ने जानलेवा हमला कर दिया था।
14 दिसंबर 2025: एनआईटी क्षेत्र में दीप चंद के दो मासूम बच्चों (दक्ष और महक) को आवारा कुत्तों ने बुरी तरह नोचकर लहूलुहान कर दिया था।
21 नवंबर 2025: फतेहपुर चंदीला की गली में लावारिस कुत्तों ने घर के बाहर खड़ी किरण नाम की महिला पर हमला कर गंभीर रूप से जख्मी कर दिया था।
10 अगस्त 2025: ग्रेटर फरीदाबाद की ओमेक्स न्यू डिस्टा सोसाइटी में डॉग फीडिंग विवाद को लेकर आरडब्ल्यूए और महिला के बीच तीखी झड़प के बाद 1.25 लाख का भारी जुर्माना लगाया गया था।
1 मई 2023: अनंगपुर गांव में पड़ोसी के हिंसक पिटबुल कुत्ते ने 55 वर्षीय बुजुर्ग महिला सुमरती को बेरहमी से नोचकर गंभीर रूप से घायल कर दिया था।
शहर में नहीं है एक भी डॉग शेल्टर
स्मार्ट सिटी फरीदाबाद में आज तक एक भी डॉग शेल्टर नहीं बन पाया है। शहर में लावारिस कुत्तों की बढ़ती संख्या और डॉग बाइट की घटनाओं के बावजूद नगर निगम के पास घायल, बीमार या आक्रामक कुत्तों को रखने की कोई स्थायी व्यवस्था नहीं है। इसका खामियाजा आम लोगों को भुगतना पड़ रहा है। शहर की कॉलोनियों, सेक्टरों और गांवों में लावारिस कुत्तों के झुंड लोगों के लिए परेशानी का कारण बने हुए हैं। सुबह-शाम सैर करने वाले बुजुर्ग, स्कूल जाने वाले बच्चे और दोपहिया वाहन चालक अक्सर इनके हमलों का शिकार हो रहे हैं।
भूपानी में डॉग शेल्टर बनाने की तैयारी
नगर निगम अब भूपानी गांव में 1.78 करोड़ रुपये की लागत से हाईटेक डॉग शेल्टर बनाने की तैयारी कर रहा है। अधिकारियों का दावा है कि अगले 10 दिनों में निर्माण कार्य शुरू हो जाएगा। हालांकि सवाल यह है कि वर्षों से बढ़ रही समस्या के बावजूद अब तक शेल्टर क्यों नहीं बनाया गया। लोगों का कहना है कि यदि समय रहते डॉग शेल्टर और प्रभावी प्रबंधन की व्यवस्था की जाती तो आवारा कुत्तों की समस्या इतनी गंभीर नहीं होती। फिलहाल शहरवासी शेल्टर निर्माण की घोषणा के जमीन पर उतरने का इंतजार कर रहे हैं।
फरीदाबाद सेक्टर-70 स्थित मलबरी काउंटी सोसाइटी में लावारिस कुत्तों ने दस वर्षीय पार्थ को काटा ।