फरीदाबाद। शोध को इन दिनों जारी रखने में डिजिटल लाइब्रेरी काफी कारगर साबित हो रही हैं। कई शोध इसकी वजह से बिना रुके जारी हैं। जेसी बोस विवि के कुलपति प्रो. दिनेश कुमार ने यह बातें राष्ट्रीय वेबीनार को संबोधित करते हुए कही। विवि में ‘अनुसंधान सहयोगी सेवाओं से गुणवत्ता सुधार में डिजिटल लाइब्रेरी की भूमिका’ विषय पर वेबीनार का आयोजन किया गया। जिसमें 200 से अधिक प्रतिभागी शामिल हुए।
कुलपति प्रो. दिनेश कुमार ने महामारी के दौरान शोधार्थियों को अनुसंधान सहायता सेवाएं प्रदान करने में पुस्तकालयों की भूमिका को अहम माना। उन्होंने कहा कि विवि का पुस्तकालय अपनी ई-लाइब्रेरी और रिमोट एक्सेस सुविधाओं के माध्यम से विद्यार्थियों, शोधार्थियों व संकाय सदस्यों को बेहतर सेवाएं प्रदान कर रहे हैं। यह उत्कृष्ट कार्य है। इससे पहले डीन (आरएंडडी) डॉ. राजेश आहूजा ने वेबिनार की विषयवस्तु की जानकारी दी। इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ साइंस एजुकेशन एंड रिसर्च के डिप्टी लाइब्रेरियन डॉ. संदीप पाठक और आईआईटी दिल्ली के डिप्टी लाइब्रेरियन डॉ. नीरज वेबिनार में मुख्य वक्ता रहे। डॉ. पाठक ने मेंडले, एंडनोट और जोटेरो सहित विभिन्न संदर्भ प्रबंधन उपकरणों के बारे में जानकारी दी। डॉ. नीरज ने शोध में साइटेशन, विजिबिलिटी तथा इम्पेक्ट बढ़ाने की रणनीति पर विचार साझा किए।