अदालत के आदेश पर हिरासत में लिया, फर्जी साइन कर बनवा लिए थे क्रेडिट कार्ड
अमर उजाला ब्यूरो
फरीदाबाद। क्रेडिट कार्ड फर्जीवाड़े के मामले में अग्रिम जमानत पाने के बाद आरोपी जसप्रीत सिंह ने जांच में सहयोग नहीं किया। पुलिस की ओर से अदालत में अग्रिम जमानत को पूरक करने को लेकर चली सुनवाई के दौरान जांच अधिकारी ने रिपोर्ट पेश की। इसमें कहा गया कि आरोपी ने जांच में कई सवालों के जवाब नहीं दिए। अदालत में वो सभी सवाल व जवाब भी पेश किए गए जो पूछताछ के दौरान आरोपी से पूछे गए। सभी पक्षों को सुनकर जिला अदालत ने आरोपी की अग्रिम जमानत खारिज कर दी और कोर्ट रूम से ही उसे हिरासत में लेकर पूछताछ करने के पुलिस को आदेश दिए।
साइबर क्राइम थाना एनआईटी में एफआईआर 1 अगस्त 2025 को दर्ज हुई। नीलम-बाटा रोड स्थित एक कार मैकेनिक के पास आईसीआईसीआई, इंडसइंड व येस बैंक थे। बाद में पता चला कि उनके नाम पर तीन अन्य क्रेडिट कार्ड भी एसबीआई, एचडीएफसी व आईसीआईसीआई बैंक के बनवाकर कोई प्रयोग कर रहा है। इनके बकाया बिल 2.18 लाख रुपये की पेमेंट के लिए पीड़ित को कॉल आने लगे तो फर्जीवाडे़ का पता चला। शिकायत पर एफआईआर दर्ज कर पुलिस ने जांच शुरू की। जांच में पता चला कि इन क्रेडिट कार्ड का प्रयोग कर जसप्रीत नामक व्यक्ति अपनी कार में ईंधन भरवाने, ठेके से शराब खरीदने के साथ ही अपने परिवार के लोगों को रुपये ट्रांसफर किए।
जसप्रीत सिंह के अधिवक्ता की ओर से अदालत में अग्रिम जमानत याचिका दायर की गई। अदालत ने सभी पक्षों को सुनकर 23 अक्तूबर को अग्रिम जमानत याचिका मंजूर करते हुए जांच में शामिल होने के निर्देश दिए। अब पुलिस ने अदालत में रिपोर्ट दी कि आरोपी ने जांच में सहयोग नहीं किया तो अदालत ने अग्रिम जमानत रद्द करने के साथ ही पुलिस को तुरंत आरोपी को हिरासत में लेकर पूछताछ करने के निर्देश दिए।