- पहले बसों की संख्या कम कम होने के चलते कई रूटों को किया बंद
हेमलता रावत
फरीदाबाद। डिपो के पास पर्याप्त मात्रा में बसें होने के बावजूद सालों से बंद पड़े रूटों को दोबारा से शुरू नहीं किया जा रहा है। जिससे डिपो को राजस्व में तो नुकसान हो रहा है। साथ ही यात्रियों को निजी बस व ट्रेनों के सहारे अपने गंतव्य तक पहुंचने में परेशानी होती है। यात्रियों द्वारा कई बार सालों से बंद पड़ी बसों को दोबारा से शुरू करने की मांग की गई है।
कोरोना काल के समय डिपो के पास काफी कम संख्या में रोडवेज की बसें मौजूद थी। जिसके कारण डिपो द्वारा दूर दराज दूसरे राज्यों में चलाई जाने वाली बसों को बंद कर दिया गया। जिसके कारण उक्त रूटों पर आने जाने वाले लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा। पहले डिपो के पास 90 के करीब बसें थी, जोकि विभिन्न रूटों पर चलाई जाती है। उसके बाद परिवहन विभाग की ओर से डिपो को 82 नई बसें आवंटित की गई। जिसमें एसी बसें भी शामिल है। अभी डिपो से 130 बसें विभिन्न रूटों पर चलाई जाती है। इसके अलावा डिपो के अंदर 15 बसें और 4 एसी की बसें इंश्योरेंस नहीं होने की वजह से खड़ी है। डिपो के पास कुल 149 बसें है। पर्याप्त मात्रा में बसें मौजूद होने के बाद भी सालों से बंद पड़े रूटों को शुरू नहीं किया जा रहा है । जिससे यात्रियों को गंतव्य तक पहुंचने में काफी परेशानी का सामना करना पड़ता है।
सालों से बंद है यह रूट
डिपो से कोरोना काल से पहले लखनऊ, ग्वालियर, रामपुर, कटरा, प्रयागराज, शिमला, देहरादून, शिवपुरी, चंबा, तिजारा और अलवर रात्रि ठहराव की बसों को चलाया जाता था। लेकिन बसों की संख्या कम होने के चलते इन रूटों को कोरोना काल के दौरान बंद कर दिया गया। जिसकी वजह से यात्रियों को इन जगहों पर जाने के लिए निजी बस व ट्रेनों का से सफर करना पड़ता है। इन रूटों पर दोबारा से बस सेवा शुरू करने के लिए कई यात्रियों द्वारा मांग की गई लेकिन शुरू नहीं किया गया।
अयोध्या के लिए शुरू की जाएगी बस सेवा
परिवहन मंत्री मूलचंद शर्मा ने बताया कि लोगों की मांग पर जल्द ही अयोध्या के लिए बस सेवा को शुरू किया जाएगा। कोरोना काल के दौरान डिपो के पास बसों की संख्या काफी कम थी। जिसकी वजह से कई रूटों को बंद करना पड़ा।अब बसों की संख्या पर्याप्त है। इसलिए जल्द ही बंद पड़े महत्वपूर्ण रूटों को दोबारा से शुरू कर दिया गया है।
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