पिछले कई वर्षों में जिले में किसी मरीज की मौत नहीं हुई
संवाद न्यूज एजेंसी
फरीदाबाद। जिले में डेंगू और मलेरिया जैसी वेक्टर जनित बीमारियों पर स्वास्थ्य विभाग काफी हद तक नियंत्रण पाने में सफल होता नजर आ रहा है। पिछले कुछ वर्षों के आंकड़ों में इन बीमारियों के मामलों में कमी दर्ज की गई है। खास बात यह रही कि डेंगू के मामले सामने आने के बावजूद पिछले कई वर्षों में जिले में इससे किसी मरीज की मौत नहीं हुई।
जिला स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों के अनुसार वर्ष 2021 में जिले में डेंगू के 347 मामले सामने आए थे। इसके बाद वर्ष 2022 में यह संख्या घटकर 13 रह गई। वर्ष 2023 में 190 और वर्ष 2024 में 138 मामले दर्ज किए गए। वहीं वर्ष 2025 में अब तक करीब 100 मामले सामने आए हैं। स्वास्थ्य विभाग का कहना है कि समय पर जांच और उपचार के कारण गंभीर स्थिति बनने से पहले मरीजों को संभाल लिया गया।
मलेरिया के मामलों में भी जिले में बड़ा सुधार देखने को मिला है। वर्ष 2018 में जहां 150 मलेरिया केस दर्ज हुए थे, वहीं वर्ष 2023 में यह संख्या घटकर केवल दो रह गई। वर्ष 2026 में अब तक जिले में मलेरिया का एक भी मामला सामने नहीं आया है।
स्वास्थ्य विभाग की ओर से लगातार घर-घर सर्वे, एंटी-लार्वा गतिविधियां, फॉगिंग और जलभराव वाले क्षेत्रों की निगरानी की जा रही है। स्कूलों, आरडब्ल्यूए और कॉलोनियों में जागरूकता अभियान चलाकर लोगों को कूलर, गमलों और छतों पर पानी जमा नहीं होने देने के लिए जागरूक किया जा रहा है।
विभाग ने आगामी मानसून सीजन को देखते हुए तैयारियां भी तेज कर दी हैं। संवेदनशील क्षेत्रों की पहचान कर विशेष निगरानी की योजना बनाई गई है। फील्ड टीमों को लार्वा जांच और तुरंत कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं ताकि संक्रमण फैलने से पहले ही उसे नियंत्रित किया जा सके।
स्वास्थ्य विभाग की टीमें लगातार फील्ड में काम कर रही हैं। लोगों में जागरूकता बढ़ी है और यही वजह है कि पिछले वर्षों की तुलना में मामलों में कमी आई है। आगामी मानसून को देखते हुए विभाग ने पहले से तैयारी शुरू कर दी है। संवेदनशील इलाकों में विशेष निगरानी रखी जा रही है और जहां भी लार्वा मिल रहा है वहां तुरंत कार्रवाई की जा रही है।
-डॉ. रामभगत, डिप्टी सिविल सर्जन