फरीदाबाद। सेक्टर-12 निवासी एडवोकेट डॉ. मोहन तिवारी ने विधिक सहायता रक्षा अधिवक्ता (एलएडीसी) योजना का विरोध करते हुए केंद्र सरकार से इसे वापस लेने की मांग की है। उनका कहना है कि यह व्यवस्था स्वतंत्र वकालत की परंपरा और युवा अधिवक्ताओं के भविष्य पर प्रतिकूल असर डाल सकती है।
उन्होंने कहा कि वर्तमान व्यवस्था में विधिक सहायता से जुड़े मामलों के माध्यम से नए अधिवक्ताओं को न्यायालयीन कार्य का अनुभव मिलता है। यदि अधिकांश मामले सीमित संख्या में एलएडीसी अधिवक्ताओं को दिए जाएंगे तो युवा वकीलों के लिए रोजगार और अनुभव के अवसर कम हो जाएंगे। ब्यूरो