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Faridabad News: कोरोना काल में बंद हुई शटल ट्रेनों को दोबारा चलाने की मांग

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शहर से रोजाना लाखों लोग और छात्र जाते हैं दिल्ली और पलवल
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संवाद न्यूज एजेंसी
फरीदाबाद। शहर में रहने वाले प्रवासी कामगारों ने कोरोना काल में बंद हुई शटल ट्रेनों को दोबारा चलाने की मांग की है। शहर में करीब 15 से 20 लाख प्रवासी लोग रहते हैं। ऐसे में शहर के बाहर काम करने वाले, स्कूल और कॉलेजों में पढ़ने वाले छात्र व अन्य लोगों को ट्रेनों के माध्यम से फरीदाबाद से पलवल की ओर और फरीदाबाद से दिल्ली की ओर जाना पड़ता है। कोरोना काल में शटल ट्रेनों के बंद होने से लोगों को काफी दिक्कत का सामना करना पड़ता है। इस दौरान रोजाना आने जाने वाले लोगों और स्कूली बच्चों को मजबूरी में मेट्रो का सहारा लेना पड़ता है।

कोरोना काल से पहले दिल्ली-फरीदाबाद-पलवल रूट पर 22 से 23 शटल ट्रेनें चलती थीं लेकिन अब इनकी संख्या कम होकर 11 से 12 ही रह गई है। शहर के बाहर बहुत संख्या में स्कूल-कॉलेजों में पढ़ने वाले छात्र, दैनिक मजदूरी करने वाले श्रमिक, वेतनभोगी, सरकारी और प्राइवेट नौकरी पेशा कर्मचारी, व्यापारी व अन्य यात्रीगण कई कारणों से दिल्ली आते-जाते रहते हैं लेकिन यहां रेल गाड़ियों का परिचालन सही ढंग से न होने के कारण काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। कम ट्रेनें चलने के कारण और यात्रियों की अधिकता के चलते यात्री अपने जीवन को खतरे में डालकर ट्रेनों में सफर कर रहे हैं। वहीं, औद्योगिक क्षेत्र की रीढ़ मानी जाने वाली शटल ट्रेनें जो पहले की तुलना में बहुत कम चल रही हैं। उनको दोबारा चलाने के लिए लोग मांग कर रहे हैं। शटल ट्रेनें न चलने के कारण लोग मेट्रो में दोगुना किराया देकर गंतव्य तक पहुंचते हैं।
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लोगों से बातचीत
मैं दिल्ली की एक निजी कंपनी में नौकरी करता हूं। कोरोना काल से पहले मैं शटल ट्रेन से रोजाना दिल्ली आता जाता था लेकिन कोरोना काल के बाद कई शटल ट्रेनों के बंद होने के कारण मजबूरी में मेट्रो से जाना पड़ता है। इस दौरान ट्रेन के मुकाबले मेट्रो में दोगुना किराया देना पड़ता है। जिस कारण काफी दिक्कत होती है। मैं यही चाहता हूं कि बंद हुई शटल ट्रेनों को दोबारा से शुरू किया जाए। जिससे आने जाने में कोई दिक्कत न हो। - अजय, दैनिक यात्री

मैं दिल्ली के सदर बाजार में नौकरी करता हूं। जब से दिल्ली आने जाने वाली कई शटर ट्रेनें बंद हुई हैं, तब से आने जाने में काफी दिक्कत का सामना करना पड़ता है। यही चाहता हूं कि जिन ट्रेनों को बंद किया गया है। उनको दोबारा से शुरू कर दिया जाए, जिससे लोगों को कोई दिक्कत न हो। - आशू, दैनिक यात्री
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वर्जन
कोरोना काल से पहले 22 से 23 शटल ट्रेनें चलती थीं लेकिन कोरोना काल के बाद यात्रियों की संख्या कम होने के कारण ट्रेनों की संख्या कम कर दी गई है। जल्द ही और ट्रेनों को चलाया जाएगा, जिससे यात्रियों को कोई दिक्कत नहीं होगी। - अखिलेश सिंह, स्टेशन अधीक्षक, ओल्ड फरीदाबाद
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