जांच एजेंसी ने कई लोगों से की पूछताछ
इसमें टीम ने पूछा कि वे लोग कितने समय पहले यहां से छोड़कर जा चुके हैं। उनके यहां से छोड़ने के कारण का भी पता किया गया कि वे किन कारणों से छोड़कर गए और वे कहां के रहने वाले थे। सभी के नाम, नंबर, निवास स्थान और यूनिवर्सिटी परिसर में कार्यरत रहने के दौरान उनके पद के अनुसार डिटेल ली गई है।
कहीं आतंक का गढ़ तो नहीं अल-फलाह यूनिवर्सिटी
जांच एजेंसी के आधिकारिक सूत्रों की मानें तो ये शक है कि यहां पहले कार्यरत रह चुके कुछ लोग भी इस आतंकी मॉड्यूल का हिस्सा हो सकते हैं। इनमें डॉक्टर, छात्र या अन्य पदों पर कार्यरत सभी तरह के लोग शामिल हो सकते हैं।
यूनिवर्सिटी में कश्मीर के लोगों की संख्या ज्यादा
सूत्रों के अनुसार शुक्रवार को यूनिवर्सिटी परिसर से मिली लिस्ट में जम्मू कश्मीर के लोगों की संख्या काफी अधिक है। इनमें डॉक्टर, प्रोफेसर, छात्र व अन्य पदों पर काम करने वाले लोग शामिल हैं। जम्मू कश्मीर पुलिस के साथ भी ये लिस्ट जांच एजेंसी ने साझा की है ताकि वो इसे वेरिफाई कर सकते हैं।