सेक्टर-75 से 89 तक 11 केवी लाइन, ट्रांसफॉर्मर और सर्किट ब्रेकर की भी होगी नियमित निगरानी
अमर उजाला ब्यूरो
फरीदाबाद। ग्रेटर फरीदाबाद में रात के समय अंधेरे में रहने वाली सड़कों और खराब स्ट्रीट लाइटों की समस्या दूर करने की दिशा में अब रखरखाव व्यवस्था को मजबूत किया जाएगा। सेक्टर-75 से 89 तक डिवाइडिंग रोड पर खराब पड़ी स्ट्रीट लाइटों को ठीक करने के साथ ही आगे भी इनकी नियमित निगरानी और मरम्मत की व्यवस्था की जाएगी। इसके अलावा स्ट्रीट लाइटों से जुड़ी 11 केवी एचटी लाइन, ट्रांसफॉर्मर और सर्किट ब्रेकर की भी देखरेख होगी। इससे सड़क पर रात के समय पर्याप्त रोशनी बनाए रखने में मदद मिलेगी और खराबी आने पर उसे जल्द ठीक कराया जा सकेगा।
ग्रेटर फरीदाबाद में पिछले कुछ वर्षों में बड़ी संख्या में आवासीय सोसाइटियां विकसित हुई हैं। सेक्टर-75 से 89 तक आबादी बढ़ने के साथ ही डिवाइडिंग रोड पर वाहनों का दबाव भी लगातार बढ़ रहा है। इन सड़कों का इस्तेमाल रोजाना हजारों लोग सोसाइटियों से मुख्य मार्गों तक आने-जाने के लिए करते हैं। ऐसे में स्ट्रीट लाइट खराब होने से सड़क का बड़ा हिस्सा अंधेरे में डूब जाता है। रात में तेज रफ्तार वाहनों के बीच अंधेरा होने से हादसे का खतरा बढ़ जाता है।
अरावली से उतरकर आने वाले जानवर भी बनते हैं हादसे का कारण
सूरजकुंड रोड पर अरावली क्षेत्र और खुले भूभाग होने के कारण रात में जंगली जानवरों की आवाजाही भी देखी जाती है। कई बार नीलगाय, सियार या अन्य जानवर सड़क पर आ जाते हैं। अंधेरे में वाहन चालकों को ये जानवर दूर से दिखाई नहीं देते और अचानक सामने आने पर वाहन को नियंत्रित करना मुश्किल हो जाता है। इससे टक्कर या दुर्घटना की स्थिति बन सकती है। सड़क पर पर्याप्त रोशनी होने से वाहन चालक दूर से ही जानवर या किसी अन्य बाधा को देख सकेंगे और समय रहते गति कम कर सकेंगे। इससे इस तरह के हादसों का खतरा कम करने में मदद मिल सकती है। इस मार्ग पर भी लाइटों को ठीक किया जाएगा।
एक लाइट खराब होने से कई बार पूरा हिस्सा रहता है अंधेरा
स्ट्रीट लाइट व्यवस्था में सबसे बड़ी समस्या खराबी के बाद समय पर मरम्मत नहीं होना है। कई बार एक-दो लाइट खराब होने के बाद धीरे-धीरे सड़क का लंबा हिस्सा अंधेरे में रहने लगता है। नई व्यवस्था में सेक्टर-75, 76, 77, 78, 79, 80, 81, 82, 83, 84, 85, 86, 87, 88 और 89 की डिवाइडिंग रोड पर लगी स्ट्रीट लाइटों की नियमित जांच की जाएगी। खराब लाइटों की पहचान कर उन्हें ठीक करने के साथ भविष्य में भी रखरखाव पर ध्यान दिया जाएगा।
विद्युत उपकरणों की खराबी पर भी होगी नजर
स्ट्रीट लाइटों को बिजली उपलब्ध कराने वाली 11 केवी एचटी लाइन, ट्रांसफॉर्मर और सर्किट ब्रेकर जैसे उपकरणों की नियमित निगरानी भी की जाएगी। इससे तकनीकी खराबी को समय रहते पहचानने और बिजली आपूर्ति से जुड़ी समस्या को जल्द दूर करने में मदद मिलेगी। बारिश के दौरान जलभराव और नमी के कारण विद्युत उपकरणों में आने वाली दिक्कतों को देखते हुए इनकी नियमित जांच और भी महत्वपूर्ण हो जाती है।
लोगों की सुविधा के लिए तेजी से काम चल रहा है। लाइटिंग व्यवस्था को ठीक करने के लिए यह कार्य किया जा रहा है।
-अश्विनी गौड़, कार्यकारी अभियंता एचएसवीपी