-100 मीटर के दायरे में चल रहे स्कूलों को किया जाएगा एक, जिले के करीब 30 स्कूलों पर असर
संवाद न्यूज एजेंसी
फरीदाबाद। सरकारी प्राथमिक स्कूलों में विद्यार्थियों की घटती संख्या अब स्कूलों के एकत्रीकरण की वजह बन रही है। जिले में कम छात्र संख्या वाले करीब 30 राजकीय प्राथमिक स्कूलों के मर्ज होने की संभावना है। शिक्षा विभाग ने ऐसे स्कूलों की पहचान शुरू कर दी है, जो एक-दूसरे से 100 मीटर के दायरे में या एक ही परिसर में संचालित हो रहे हैं।
विभाग की योजना के तहत आसपास के स्कूलों को मिलाकर एक स्कूल के रूप में संचालित किया जाएगा। इसमें अधिक छात्र संख्या वाले स्कूल को मुख्य स्कूल बनाया जा सकता है। कम छात्र संख्या वाले स्कूल के विद्यार्थियों को नजदीकी स्कूल में स्थानांतरित किया जाएगा। इससे अलग-अलग स्कूलों में उपलब्ध भवन, कक्षाओं और अन्य संसाधनों का एक जगह इस्तेमाल हो सकेगा।
स्कूलों में विद्यार्थियों की संख्या कम होने के कारण कई जगह संसाधनों और स्टाफ का पूरा उपयोग नहीं हो पा रहा है। ऐसे में विभाग ने एक ही परिसर या बेहद कम दूरी पर चल रहे स्कूलों को एक साथ संचालित करने की योजना बनाई है। सर्वे के बाद स्कूलों की अंतिम सूची तैयार की जाएगी।
इस प्रक्रिया में विद्यार्थियों की दूरी और उनकी सुविधा को भी ध्यान में रखा जाएगा। विभाग का कहना है कि एकत्रीकरण के बाद स्कूलों में उपलब्ध संसाधनों का बेहतर उपयोग किया जा सकेगा।
एक साल में 25 हजार छात्र घटे
पिछले वर्ष की तुलना में इस बार जिले के सरकारी स्कूलों में विद्यार्थियों की संख्या करीब 25 हजार कम हो गई है। इस वर्ष सरकारी स्कूलों में छात्रों की कुल संख्या घटकर करीब एक लाख रह गई है। विद्यार्थियों की संख्या में आई इस गिरावट का असर स्कूलों के संचालन पर भी पड़ रहा है।
100 मीटर के दायरे और एक ही परिसर में संचालित स्कूलों की जानकारी जुटाई जा रही है। सर्वे रिपोर्ट के आधार पर ही मर्ज को लेकर निर्णय लिया जाएगा। बसंत कुमार ढिल्लों, जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी।