संतुष्ट करने वाले जवाब न मिलने पर की जाएगी दिल्ली जाने की तैयारी
अमर उजाला ब्यूरो
फरीदाबाद। अनंगपुर में प्रशासन की तरफ से की जा रही तोड़-फोड़ के विरोध में 12 गांवों की महापंचायत का आयोजन किया। पंचायत में फैसला लिया गया है कि सरकार से जवाब मांगा जाएगा, अगर संतुष्ट करने वाला जवाब नहीं मिला तो दिल्ली जाने की तैयारी की जाएगी।
पिछले माह अनंगपुर संघर्ष समिति की तरफ से आयोजित महापंचायत में पूरे देश से लोगों ने भाग लिया था जिसमें कई बड़े नेता व किसान नेता शामिल हुए थे। महापंचायत में सरकार को एक माह का समय दिया गया था जिसमें कानून बनाकर अनंगपुर गांव के ग्रामीणों की जमीन बचाने की मुख्य मांग रखी गई थी। 13 जुलाई को हुई पंचायत को अब एक माह होने वाला है। इसको लेकर अनंगपुर संघर्ष समिति की तरफ से 12 गांवों की महापंचायत बुलाई गई इसमें सरकार से जवाब मांगने व संतुष्ट करने वाला जवाब न मिलने पर दिल्ली की तरफ कूच करने की रणनीति बनाई गई है।
महापंचायत में अतर सिंह, कांग्रेस नेता विजय प्रताप, रणबीर चंदीला, रजिंदर चपराना, जयहिंद नंबरदार, जस्सी सरपंच हरिंदर भड़ाना पार्षद, एडवोकेट कन्हैया, अजयपाल सरपंच, सरदार उपकार सिंह, अनीशपाल , रोहताश बिधूड़ी, प्रेमकृष्ण आर्य, प्रेम सिंह ठेकेदार व तल्लू प्रधान आदि लोगों ने अपनी बात रखी व आगे के लिए रणनीति बनाई इस दौरान अनंगपुर व अन्य गांवों के ग्रामीण मौजूद रहे।
सरकार भी रख रही है अपना पक्ष
केंद्रीय राज्य मंत्री कृष्ण पाल गुर्जर इस मामले को लेकर सीएम से मिल चुके हैं। सीएम ने आश्वासन दिया था कि सरकार की तरफ से बनाई गई कमेटी गांव को बचाने के लिए अपना पक्ष कोर्ट में रखेगी व लोगों को राहत दिलाने के लिए प्रयास करेगी।
अरावली के आस-पास तोड़े जा चुके हैं 400 से अधिक निर्माण
कोर्ट के आदेश पर अरावली के वन क्षेत्र में आने वाले सभी निर्माणों को हटाया जाना है । इसको लेकर प्रशासन की तरफ से अभी तक 400 से अधिक निर्माणों को तोड़ा जा चुका है। इसमें 200 से अधिक बड़े फार्म हाउस भी शामिल है जिनकी कीमत करोड़ों रुपये बताई जाती थी। इनमें कई बड़े नेता व अधिकारियों के फार्महाउस भी शामिल हैं।