फरीदाबाद। शहर में मरे पशुओं का निस्तारण अब वैैज्ञानिक तकनीक से किया जाएगा। इसके लिए नगर निगम आयुक्त ने जिले में हड्डा रोडी योजना को मंजूरी दी है। नगर निगम की ओर से जल्द एक एजेंसी नियुक्त की जाएगी। दिल्ली की तर्ज पर एजेंसी मरे पशुओं का निस्तारण करेगी। इसके बाद मरने वाले पशुओं को इधर-उधर फेंकने की कोई जरूरत नहीं होगी। निगमायुक्त की इस मंजूरी से सरकार को राजस्व की प्राप्ति होगी। साथ ही वातावरण को साफ स्वच्छ रखने में सहायता मिलेगी।
जिले में दो साल से मरे पशुओं के निस्तारण की कोई उचित व्यवस्था नहीं है। नगर निगम मरे पशुओं को अरावली व आसपास के खाली स्थानों पर फेंक देता हैं। मरे पशुओं को खाने से खासकर कुत्तों को कई प्रकार की बीमारियां हो जाती हैं। ऐसे में ये कुत्ते लोगों के लिए और खतरनाक हो सकते हैं। इसके अलावा मरे पशुओं को ठिकाने लगाने की कोई व्यवस्था शहर में नहीं है। पहले मरे हुए पशुओं को गांवों के बाहरी हिस्से में फेंक दिया जाता था। जिले में दो साल पहले मरे पशुओं के निस्तारण की व्यवस्था जरूर थी मगर यह योजना किसी कारणवश ठप हो गई। इस कारण मरे पशुओं को इधर-उधर खाली स्थानों पर फेंक दिया जाता है। पिछले दिनों यह मामला नगर निगम के सदन में भी उठा था। निगमायुक्त ने सदन को आश्वस्त किया कि जिले में जल्द हड्डा रोडी योजना शुरू की जाएगी।
जिले में हड्डा रोडी योजना को दोबारा शुरू करने की योजना तैयार की गई है। इसके लिए जल्द सर्वे करवाया जाएगा। एजेंसी नियुक्त की जाएगी, जो वैज्ञानिक तकनीक से मरे पशुओं का निस्तारण करेंगी।
- यशपाल यादव निगमायुक्त, फरीदाबाद