फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

पहले की अधिकारियों की खिंचाई, फिर केक काट कर दी बधाई

Sun, 22 May 2016 02:32 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, फरीदाबाद
विज्ञापन
विज्ञापन
शनिवार को जिला उपायुक्त ने मासिक समीक्षा बैठक अनोखे अंदाज में की। पहले तो अधिकारियों के साथ विकास कार्यों की समीक्षा की और उसके बाद जिन अधिकारियों का जन्मदिन और शादी की साल गिरह मई महीने में है, उनके लिए केट काटकर बधाई दी।
विज्ञापन


अब तक समीक्षा बैठक में यह पहला मौका है जिसमें डीसी ने अलग तरीके से समीक्षा बैठक निपटाकर वाहवाही लूटी। उनके इस कदम से अधिकारियों में चर्चा का विषय बना हुआ है। हुआ यूं कि शनिवार को जिला उपायुक्त चंद्रशेखर ने सेक्टर-12 हुडा कंवेंशन सेंटर में सभी विभागों के अधिकारियों को तलब किया था।

उनके साथ मासिक समीक्षा बैठक की। बैठक में बिजली, पानी जैसी मूलभूत सुविधाओं पर जोर दिया। साथ ही नगर निगम, हुड्डा, जनस्वास्थ्य व बिजली वितरण निगम के अधिकारियों से समस्याओं का गंभीरतापूवरस्क निदान करने के निर्देश दिए।
विज्ञापन


उपायुक्त ने सीएम विंडो, सीएम अनाउंसमेंट, अवैध कब्जे, पौधारोपण, सैनिटेशन, रात्रि प्रवास, अवैध खनन, मलेरिया नियंत्रण,  परिवार कल्याण पेंशन, आधार, खाद्य नियंत्रण, राजस्व रिकवरी, आबियाना वसूली, जमाबंदी, इंतकाल रजिस्ट्रेशन, डीआरडीए स्कीम आदि को गंभीरता से लेने को कहा।

रात्रि प्रवास में न आने वाले अफसरों की खिंचाई:
बैठक में उपायुक्त ने रात्रि प्रवास के दौरान न आने वाले अधिकारियों की जमकर खिंचाई की। उन्होंने कहा कि ऐसे अधिकारी अपने जूनियर को भेजने के बजाय खुद हाजिर हों अन्यथा उनके खिलाफ प्रशासनिक कार्रवाई करने के लिए मजबूर होना पड़ेगा।

शादी की साल गिरह का काटा केट:
बैठक खत्म करने के बाद जिला उपायुक्त चंद्रशेखर ने मई महीने में जिन अधिकारियों का जन्मदिन पड़ता है अथवा शादी की सालगिरह होती है, सामूहिक रूप से केट काटा और अधिकारियों को बधाई दी। ऐसा पहली बार हुआ है कि उपायुक्त बैठक के बाद अधिकारियों की शादी की साल गिरह इस तरह मनाई हो।

लंच के लिए 200 रुपये जमा करना अनिवार्य:
आपको जानकारी हैरानी होगी कि जिला उपायुक्त ने बैठक में आने वाले सभी अधिकारियों का लंच कराने के लिए 200 जमा करना अनिवार्य कर दिया है। फिर वह अधिकारी चाहे लंच लेकर आया हो या नहीं। पिछले दो-तीन बैठकों में डीसी ने ये तुगलकी फरमान जारी किया है।

डीसी के इस नए कदम से कई अधिकारियों में चर्चा का विषय बना हुआ है। कुछ इसे अच्छा मान रहे हैं तो कुछ इसे अनिवार्य करना गलत। शनिवार को बैठक में विभिन्न विभागों के करीब 81 अधिकारी शामिल हुए थे। जिससे पर हेड 200 रुपये के हिसाब से 16,200 रुपये जमा कराया गया था।

बैठक में हुड्डा के संपदा अधिकारी राजेश कुमार, जीएम रोडवेज रीगन कुमार, एनआईटी जोन की संयुक्त आयुक्त आशिमा सांगवान, जिला राजस्व अधिकारी राजेंद्र सिंह फागना, बिजली वितरण निगम के एससी मुकेश गुप्ता, नगर निगम के मुख्य अभियंता ओपी गोयल, स्मार्ट सिटी के नोडल अधिकारी डीआर भास्कर सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे।इस बाबत डीसी से बात करने की कोशिश की गई लेकिन उनका फोन नहीं उठा।
विज्ञापन
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें