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Faridabad News: टूटी सड़कें बढ़ा रहीं उद्योगों की लागत

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भगोला-जनौली रोड
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खराब सड़कों के कारण माल ढुलाई में देरी होने के साथ-साथ ट्रकों का रखरखाव खर्च भी लगातार बढ़ रहा है
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हेमंत शर्मा

पलवल। पृथला औद्योगिक क्षेत्र में मूलभूत सुविधाओं के अभाव से स्थानीय उद्यमियों को भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है। क्षेत्र की अधिकांश सड़कें जर्जर हो चुकी हैं और जगह-जगह बने बड़े-बड़े गड्ढे दुर्घटनाओं का कारण बन रहे हैं। उद्यमियों का कहना है कि बरसात में गड्ढों में पानी भर जाने से उनका पता नहीं चलता, जिससे हादसे की आशंका कई गुना बढ़ जाती है। खराब सड़कों के कारण माल ढुलाई में देरी होने के साथ-साथ ट्रकों का रखरखाव खर्च भी लगातार बढ़ रहा है, जिसका सीधा असर उद्योगों की लागत और व्यापारियों की बैलेंस शीट पर पड़ रहा है।

पृथला औद्योगिक क्षेत्र में करीब 250 से अधिक औद्योगिक इकाइयां संचालित हैं, जिनमें एक लाख से अधिक श्रमिक कार्यरत हैं। इसके बावजूद क्षेत्र में सड़क, जल निकासी जैसी सुविधाओं का अभाव बना हुआ है। उद्यमियों का कहना है कि खराब बुनियादी ढांचे के कारण नए उद्योग स्थापित नहीं हो पा रहे हैं। उनका दावा है कि मूलभूत सुविधाओं की कमी के चलते विदेशी निवेशक भी यहां निवेश करने से कतरा रहे हैं।
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समस्याओं को लेकर सात जुलाई को डीसी से मिले थे उद्यमी

समस्याओं को लेकर पलवल इंडस्ट्रीज एसोसिएशन (पीआईए) के प्रतिनिधिमंडल ने 7 जुलाई को जिला उपायुक्त से मुलाकात कर सड़क, जलभराव और अन्य मूलभूत सुविधाओं की कमी का मुद्दा उठाया था। इसके बाद जिला उपायुक्त के निर्देश पर प्रशासन और पीआईए की संयुक्त टीम ने औद्योगिक क्षेत्र का 9 जुलाई को निरीक्षण किया था। निरीक्षण के बाद टीम ने अपनी रिपोर्ट जिला उपायुक्त कार्यालय को सौंप दी है, जिसमें सड़क मरम्मत और अन्य आवश्यक कार्यों की बात रखी गई है।

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इन प्रमुख सड़कों की हालत सबसे ज्यादा खराब

संयुक्त निरीक्षण के दौरान सामने आया कि पृथला औद्योगिक क्षेत्र की कई प्रमुख सड़कें बेहद जर्जर स्थिति में हैं। इनमें पृथला-दुधौला रोड, पृथला-ततारपुर मार्ग, ततारपुर-देवली रोड, देवली-भगोला मार्ग, भगोला-जनौली रोड तथा दिल्ली-मथुरा राष्ट्रीय राजमार्ग से औद्योगिक क्षेत्र को जोड़ने वाले मार्ग शामिल हैं। उद्यमियों का कहना है कि इन सड़कों की बदहाल स्थिति से उद्योगों की रफ्तार प्रभावित हो रही है। मालवाहक वाहनों की आवाजाही धीमी होने के साथ-साथ ट्रकों की मेंटेनेंस लागत भी लगातार बढ़ रही है। बरसात के दिनों में जलभराव और टूटी सड़कों के चलते श्रमिकों को काम पर पहुंचने में देरी होती है। इसका सीधा असर उत्पादन और उद्योगों की कार्यक्षमता पर पड़ता है।
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उद्योगपतियों से बातचीत

- पृथला औद्योगिक क्षेत्र में काफी समय से सड़क और जल निकासी की समस्या बनी हुई है। खराब सड़कें उद्योगों की उत्पादकता और परिवहन व्यवस्था दोनों को प्रभावित कर रही हैं।-राजीव मेहरा, उपाध्यक्ष पीआईए



- बरसात में सड़कें तालाब में तब्दील हो जाती हैं। गड्ढों में पानी भरने से दुर्घटनाओं का खतरा बढ़ जाता है और माल की समय पर डिलीवरी भी प्रभावित होती है।-रविंद्र यादव, महासचिव, पीआईए


-लगातार खराब सड़कों पर चलने से ट्रकों और अन्य मालवाहक वाहनों की मरम्मत पर अतिरिक्त खर्च करना पड़ रहा है। इससे उद्योगों की उत्पादन लागत बढ़ रही है । -मनविंदर, प्रशासक, पीआईए

-औद्योगिक क्षेत्र में बेहतर बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराना जरूरी है। सड़क, जल निकासी और अन्य सुविधाएं बेहतर होंगी तभी नए उद्योग लगेंगे और क्षेत्र में रोजगार के अवसर बढ़ेंगे। -मुकेश मोहता उद्योगपति
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वर्जन
पृथला-दतीर मार्ग और पृथला-तातारपुर मार्ग पर सड़क मरम्मत का कार्य बुधवार से शुरू कर दिया जाएगा। इसके लिए कर्मचारी व मशीनरी संबंधित स्थलों पर पहुंच चुकी है। विभाग का प्रयास है कि कार्य जल्द पूरा कर लोगों को बेहतर आवागमन सुविधा उपलब्ध कराई जाए।- सिद्धार्थ, एसडीओ, लोक निर्माण विभाग
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