फरीदाबाद। फरीदाबाद-पलवल केएमपी एक्सप्रेस-वे (दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेस-वे) पर बने कट वाहन चालकों के लिए हादसों का सबब बन रहे हैं। अभी तक दो चरणों में बने लगभग 50 किलाेमीटर के इस एक्सप्रेस-वे पर कई ऐसे खतरनाक कट हैं, जहां से उतरते समय वाहन चालकों को पीछे से आ रहे वाहनों से टक्कर होने का खतरा बना रहता है। अक्सर वाहनों के एक्सप्रेस-वे से उतरते समय हादसे हो रहे हैं। शहरवासियों ने भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण से इस पर संज्ञान लेकर सही कराने की मांग रखी है।
छह लेन के फरीदाबाद-पलवल केएमपी एक्सप्रेस-वे के तीन में से दो सेक्शन अक्तूबर-2024 में बनकर तैयार हो गए थे। एक्सप्रेस-वे दिल्ली के मीठापुर से फरीदाबाद होते हुए नूंह जिले के सोहना (खलीलपुर गांव) तक बना हुआ है। यहां से एक ओर दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेस-वे और दूसरी ओर केएमपी एक्सप्रेसवे को जोड़ता है।
दिल्ली के मीठापुर से फरीदाबाद से पलवल तक करीब 10 स्थानों पर उतरने और चढ़ने के लिए कट बने हैं। छह लेन के एक्सप्रेस-वे के साथ दोनों ओर 3-3 लेन की सर्विस रोड बनाई गईं हैं। शहरवासियों का कहना है कि इनमें से कुछ कट इतने खतरनाक हैं कि वाहनों के उतरते समय पीछे से आ रहे वाहनों के टकराने का खतरा बना रहता है। ऐसे में कई बार उतरते समय वाहन पीछे से आ रहे वाहनों से टकरा भी जाते हैं। हादसों में कई बार वाहन चालकों की गाड़ियां क्षतिग्रस्त हुई हैं। वहीं, कई लोग भी घायल हो गए हैं। लोगों का कहना है कि एक्सप्रेस-वे के रैंप की इंजीनियरिंग डिजाइन ठीक नहीं है। इससे लोगों की जान का खतरा बना हुआ है। जिला प्रशासन और एनएचएआई को इस पर संज्ञान लेकर ठीक कराना चाहिए।