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सूरजकुंड मेला: रविवार को दर्शकों से भर गया 34वां अतंरराष्ट्रीय सूरजकुंड मेला

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फरीदाबाद। हस्तशिल्पियों का 34वां सूरजकुंड अंतरराष्ट्रीय मेला रविवार को दर्शकों के लिए फनडे बन गया। छुट्टी का दिन होने के कारण मेले में खासी भीड़ देखने को मिली। मेले में थीम स्टेट के रूप में हिमाचल की लोक-संस्कृति का नजारा भी खूब देखने को मिल रहा है।
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भारतीय लोक कलाकारों के अलावा मेले में पार्टनर कंट्री उज्बेकस्तान के लोक कलाकार अपनी अनूठी संस्कृति की छटा बिखेर रहे हैं। मेला 16 फरवरी तक लगा रहेगा।
मेले के वीवीआईपी द्वार पर हिमाचली वेशभूषा में सजे कलाकारों ने सबसे पहले मेले में पहुंचे विशिष्ट अतिथियों और पर्यटकों का हिमाचल का पारंपरिक वाद्य यंत्र बजाकर स्वागत किया। इसके बाद कार्यक्रमों की शुरुआत की गई।
मथुरा का मयूर और राजस्थान के कालबेलिया नृत्य की धूम
थीम स्टेट हिमाचल प्रदेश के लोक कलाकारों के साथ उज्बेकिस्तान के कलाकारों ने चौपाल पर अपना जलवा बिखेरा। इसके साथ ही राजस्थान का लोकप्रिय कालबेलिया और मथुरा का मयूर नृत्य पर कलाकारों ने पर्यटकों की खूब वाहवाही लूटी। मेले में सामाजिक सरोकारों के प्रति जागृति लाने के साथ सांस्कृतिक समृद्धि के भी दर्शन हो रहे हैं।
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सेल्फी पांइट पर भीड़
मेले में पर्यटकों को रिझाने के लिए इस बार थीम स्टेट हिमाचल प्रदेश की ओर से पॉइंट-जगह सेल्फी पॉइंट बनाए गए हैं। इस पर हिमाचल के हरे-भरे जंगल, धर्मशाला का अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट मैदान, महादेवी का मंदिर आदि लोगों को अपनी ओर खींचते हैं। बच्चों से लेकर बड़ों तक सभी ने अपने सफर को यादगार बनाने के लिए यहां सेल्फी ली।
कई देशों के कलाकारों ने बिखेरा जलवा
अंतरराष्ट्रीय सूरजकुंड मेले की शुरुआत के साथ ही छोटी चौपाल पर संस्कृति के अनेक रंग देखने को मिल रहे हैं। कार्यक्रम संयोजक शशि वर्मा ने बताया कि रविवार को चौपाल पर तंजानिया, तजाकिस्तान, जिम्मबावे, इजिप्ट, यूगांडा, उज्बेकिस्तान, हिमाचल, मथुुरा, राजस्थान से आए कलाकारों ने लोक नृत्य की जोरदार प्रस्तुति देकर समां बांधा।
मेले में करीब 100 स्टाल खाली
सूरजकुंड मेले में शिल्पकारों के लिए करीब 11 सौ स्टाल बनाई गई हैं। दुकानदारों ने बताया कि 100 स्टाल ऐसी हैं जिनमें अभी तक दुकानदारों ने अपनी दुकानें नहीं सजाई हैं।
इसकी वजह मेला प्राधिकरण की ओर से दुकानदारों के आवेदन को रद्द करना व अधिकारियों की लापरवाही बताई जा रही है, अगर जल्द ही मेला प्राधिकरण ने इस पर ध्यान नहीं दिया तो अनेक शिल्पकार अपने कला के प्रदर्शन से वंचित रह सकते हैं। इससे मेला प्राधिकरण को भी काफी नुकसान होगा।
मेटल डिटेक्टर मशीन खराब
मेला प्राधिकरण की ओर से अंतरराष्ट्रीय सूरजकुंड मेले में सुरक्षा व्यवस्था के बड़े-बड़े दावे किए जा रहे हैं, मगर यह दावे खोखले साबित हो रहे हैं। मीडिया सेंटर पर लगी मेटल डिटेक्टर जांच की दो मशीनें लगी है, दोनों ही खराब है। हालांकि, जांच के लिए अलग से सुरक्षाकर्मी तैनात हैं। जो लोगों की जांच के बाद ही अंदर प्रवेश दे रहे, मगर खराब मशीनें कभी बड़ा घटना का कारण बन सकती हैं।
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