पत्रकार पूजा की मौत की जांच कर रही पुलिस कितनी गंभीर है, इसका अंदाजा इससे लगाया जा सकता है कि रिमांड पर लिया गया इंस्पेक्टर अमित मीडिया से रूबरू होकर अपनी बेगुनाही का दावा पेश कर रहा है।
मालूम हो कि रिमांड की अवधि में आरोपी को सिर्फ अपना वकील छोड़कर किसी अन्य से मिलने की अनुमति नहीं होती है। बृहस्पतिवार रात को हिरासत में लिए गए अमित को पुलिस ने शुक्रवार को अदालत में पेश किया था। उसे पूछताछ के लिए चार दिन की रिमांड पर लिया गया है।
रिमांड के दौरान अमित ने एक समाचार पत्र के साथ खास बातचीत की
रिमांड के दौरान अमित ने एक समाचार पत्र के साथ खास बातचीत की और खुद को बेगुनाह बताते हुए मीडिया को कोर्ट में खींचने तक की बात कही। अमित ने घटना के चार दिन बाद पुलिस को सौंपे गए पूजा के कथित सुइसाइड नोट के असली होने का भी दावा किया।
उसने यह भी कहा कि सुइसाइड नोट और एफआईआर को आधार बनाकर मीडिया रिपोर्टिंग नहीं कर रही है, उसके खिलाफ कोई केस नहीं दर्ज है, बावजूद इसके मीडिया ट्रायल किया जा रहा है।
हालांकि डीसीपी एनआईटी पूर्णचंद पवार इसे गलत बता रहे हैं, उनका कहना है कि रिमांड के दौरान किसी को भी आरोपी से नहीं मिलने दिया जाता है।