पत्रकार पूजा तिवारी की मौत के मामले में मीडिया का ध्यान पूरी तरह से इंस्पेक्टर अमित की तरफ है, लेकिन पुलिस डॉक्टर दंपति के खिलाफ लगाए गए आरोपों की गंभीरता से जांच कर रही है। दंपति को पुलिस की ओर से क्लीन चिट नहीं मिली है।
मालूम हो कि पत्रकार पूजा तिवारी ने शहर में चल रहे अवैध गर्भपात केंद्रों का खुलासा करने के लिए 9 मार्च को ग्रीन फील्ड स्थित एक क्लीनिक का स्टिंग ऑपरेशन किया था। क्लीनिक संचालक कथित डॉक्टर ने स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉ. अर्चना गोयल के यहां पूजा का गर्भपात करवाने का आश्वासन दिया था।
इस पर पूजा और उसके साथी पत्रकार ने डॉ. अर्चना गोयल का पक्ष जानने के लिए उन्हें फोन किया था। डॉ. अर्चना ने दोनों की मुलाकात अपने पति आईएमए फरीदाबाद के पूर्व प्रधान डॉ. अनिल गोयल से कराई।