मजदूरी नहीं देने पर राज मिस्त्री की हत्या करने के दोनों आरोपियों को पुलिस की क्राइम ब्रांच डीएलएफ ने गिरफ्तार कर लिया है। पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि मजदूरी के पंद्रह सौ रुपये नहीं देने पर उन्होंने राजमिस्त्री निरंजनराम को पीटा था। इस दौरान उसका सिर दीवार में जा लगा था। इससे बाद में उसकी मौत हो गई थी। पुलिस ने दोनों को अदालत में पेश किया, जहां से उन्हें रिमांड पर भेज दिया गया।
मूलरूप से गांव कसीना, छपरा बिहार निवासी निरंजनराम यहां इस्माइलपुर में अपने गांव के ही रोहित के साथ किराए पर रहता था। निरंजनराम राज मिस्त्री का काम करता था। कुछ दिन पहले उसने एक मकान बनाने का ठेका लिया था। उसके साथ मुजफ्फरपुर, बिहार निवासी पप्पू दास व सीतामढ़ी, बिहार निवासी राजू दास मजदूरी करते थे।
रोहित ने पुलिस को बताया था कि गत 10 फरवरी रात को पप्पू व राजू ने निरंजनदास के साथ झगड़ा किया और पीटा। शोर सुनकर रोहित की मां मंजू वहां पहुंची तो दोनों निरंजन को अपने साथ लेकर चले गए।
अगले दिन सुबह निरंजन वापस कमरे पर आया तो उसकी तबियत खराब थी। उसने बताया कि मजदूरी के पैसों को लेकर पप्पू और राजू ने यमुना किनारे जंगल में ले जाकर उसके साथ मारपीट की है। रोहित ने उसे दवा दिलवा दी। तबियत बिगड़ने पर रोहित ने निरंजन राम को बीके अस्पताल में भर्ती करवाया, जहां से उसे सफदरजंग अस्पताल रेफर कर दिया गया।
इलाज के दौरान 13 फरवरी को निरंजन की मौत हो गई। थाना सराय ख्वाजा पुलिस ने रोहित की शिकायत पर हत्या का मामला दर्ज कर लिया था। घटना के बाद से फरार चल रहे दोनों आरोपियों को मंगलवार को गिरफ्तार कर अदालत में पेश किया, जहां से उन्हें एक दिन के पुलिस रिमांड पर भेज दिया गया है।