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इनामी बदमाशों को पकड़ेगी 17 राज्यों की पुलिस टीम

Mon, 25 Apr 2016 03:34 PM IST
गौरव चौधरी/अमर उजाला, फरीदाबाद

सार

  • वाट्सएप ग्रुप बनाकर अपराधियों की जानकारी को कर रहे सांझा 
  • 17 राज्यों की विशेष पुलिस बल के 266 पुलिसकर्मी एकजुट हुए 
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विस्तार
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अंतरराज्यीय स्तर के कुख्यात अपराधियों और हत्यारों को पकड़ने के लिए देश के 17 राज्यों की पुलिस एकजुट हो गई है। पुलिस के निशाने पर इनामी कांट्रेक्ट किलर, संगठित आपराधिक गिरोह के सदस्य हैं। हरियाणा, दिल्ली और यूपी की पुलिस इस संगठन का मुख्य अंग है।
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इसलिए इन तीनों राज्यों की पुलिस का पहला निशाना यहां के वांटेड बदमाश हैं। इनको पकड़ने के लिए सभी 17 राज्यों की पुलिस ने हाल ही में बैठक कर साझा रणनीति बनाई है। कुछ दिन पहले सभी पुलिसकर्मियों की नोएडा के एक होटल में बैठक हुई थी।

यूपी पुलिस के इंस्पेक्टर ने बनाया है वाट्सएप ग्रुप
अपराधियों को पकड़ने के लिए यूपी पुलिस के एक इंस्पेक्टर ने वाट्सएप पर दूसरे प्रदेश की एसटीएफ और क्राइम ब्रांच को जोड़ने का काम कुछ माह पहले शुरू किया था। देखते ही देखते इस ग्रुप में 17 राज्यों के विशेष पुलिस बल के सदस्य जुड़ गए। अपराधियों को पकड़ने में एक दूसरे का सहयोग करने वाले इन पुलिसकर्मियों ने अनधिकारिक तौर पर मिलकर काम करने का निर्णय लिया है।
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सूत्रों के मुताबिक इस ग्रुप में अलग-अलग राज्यों के क्राइम ब्रांच, एसटीएफ, स्पेशल सेल आदि के 266 से ज्यादा इंस्पेक्टर, सब-इंस्पेक्टर और एएसआई रैंक के पुलिस कर्मी शामिल हैं। अंतरराज्यीय स्तर होने वाली लूट, हत्या, चोरी, डकैती, झपटमारी जैसे संगीन अपराधों को जल्द से जल्द खोलने के लिए वारदात के बाद सूचना वाट्सएप पर डाल दी जाती है।

सूचना के आधार पर सभी संबंधित राज्य की पुलिस अपराधियों की तलाश का काम अपने स्तर पर शुरू कर देती हैं। 14 मार्च 2016 को फरीदाबाद में नीलम-बाटा रोड स्थित गोल्ड लोन कार्यालय में हुई 5 करोड़ रुपये सोने की लूट में अपराधियों की जानकारी यूपी पुलिस ने इसी ग्रुप के जरिये शेयर की थी।

ग्रुप के सदस्यों के बीच परिचय और सूचनाओं की साझेदारी की नीयत से कुछ दिन पहले ही यह 266 पुलिसकर्मी नोएडा स्थित एक होटल में आपस में मिले थे। सूत्रों के मुताबिक बैठक में अंतरराज्यीय स्तर के बड़े अपराधियों पर शिकंजा कसने पर सहमति बनी। पुलिस ने जिन अपराधियों की सूची तैयार की है उसमें हरियाणा, पंजाब, दिल्ली, यूपी, बिहार, आदि राज्यों के कुख्यात प्रमुख हैं।

इनामी बदमाशों का पकड़ा जाएगा
ग्रुप से जुड़े पुलिसकर्मी अपने राज्यों और शहर वांटेड इनामी बदमाशों की लिस्ट तैयार कर रहे हैं। इसके साथ ही सभी पुलिसकर्मी उन बदमाशों को रिकार्ड साझा करेगी ।

इन राज्यों की जुड़ी है पुलिस
हरियाणा, दिल्ली, उत्तर प्रदेश, राजस्थान, मध्यप्रदेश, गुजरात, महाराष्ट्र, तेलगांना, आंध्रप्रदेश, पंजाब, बिहार, झारखंड, तमिलनाडु, छत्तीसगढ़, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश और पश्चिम बंगाल के क्राइम ब्रांच, स्पेशल स्टाफ और एसटीएफ के पुलिसकर्मी जुड़े हैं।

औपचारिक बैठकें रहीं बेनतीजा
मालूम हो कि इससे पहले दिल्ली, यूपी और हरियाणा पुलिस की साल में एक बार औपचारिक बैठक हुआ करती थी लेकिन इसके बहुत सकारात्मक परिणाम नहीं निकले। कई बार शहर में राजस्थान और मध्यप्रदेश के गिरोह पहली बार आकर वारदात को अंजाम देते थे तो शहर के पुलिसकर्मियों को उन गिरोह के सीन ऑफ क्राइम से नहीं पता चलता ही कौन से गिरोह ने वारदात की है। लेकिन अब ऐसा नहीं होगा। सीन ऑफ क्राइम के फोटो और जानकारी ग्रुप में साझा की जाती है। जल्द ही गिरोह का पता लग जाता है और पुलिस केस ट्रेस कर लेती है। अगर ऐसा ग्रुप बनाया गया है तो बहुत अच्छी बात है। जानकारी साझा करने से केस जल्दी ट्रेस होते हैं। कई बार ऐसा होता है कि बाहर के अपराधी आकर वारदात को अंजाम देते हैं। जिनके बारे में शहर की पुलिस के पास ज्यादा जानकारी नहीं होती है। यह ग्रुप ऐसे अपराधियों की जानकारी जुटाने में काफी मददगार साबित होगा।- हनीफ कुरैशी, पुलिस आयुक्त
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