आरोपी हेमराज का साला भी अवैध हथियार के साथ गिरफ्तार
अशोक हत्याकांड : हेमराज की दोनाली छिपा कर अपने पास रखी थी
अमर उजाला ब्यूरो
फरीदाबाद। गांव खेड़ीकलां में 10 मई को हुए अशोक हत्याकांड के तीसरे आरोपी हेमराज के साले राजीव को भी पुलिस ने अवैध हथियार के साथ गिरफ्तार किया है। राजीव के पास से पुलिस ने दोनाली बंदूक बरामद की है, जोकि हेमराज की थी और उसने अपने साले को इसे छिपाने के लिए दे रखा था। हेमराज के पास दो हथियार थे। इनमें से पुलिस पहले ही मनोज मांगरिया से बरामद कर चुकी है।
डीएलएफ क्राइम ब्रांच प्रभारी इंस्पेक्टर नवीन कुमार ने बताया कि खेड़ीकलां में हुए अशोक हत्याकांड में हेमराज फरार चल रहा था। उसके पास शस्त्र लाइसेंस था, जोकि अशोक हत्याकांड के बाद ही पुलिस आयुक्त अमिताभ सिंह ढिल्लो ने रद्द कर दिया था। सेंट्रल थाना पुलिस ने इस मामले में हेमराज के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला भी दर्ज किया था। धोखाधड़ी के मामले में सोमवार को क्राइम ब्रांच ने हेमराज को गिरफ्तार किया था। उससे पूछताछ के दौरान पता चला कि उसके पास दो हथियार थे।
इनमें से एक हथियार पिछले दिनों क्राइम ब्रांच सेक्टर-65 प्रभारी निरीक्षक वरुण दहिया ने भाटी गैंग से जुड़े मनोज मांगरिया व उसके तीन साथियों को गिरफ्तार कर उनके पास से बरामद किया था, जबकि दूसरा हथियार पुलिस ढूंढ रही थी। हेमराज से पूछताछ के बाद क्राइम ब्रांच डीएलएफ से उसके साले राजीव को मंगलवार को सेक्टर-29 के पास से गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने उसके पास से हेमराज की दोनाली बंदूक भी बरामद कर ली है, जिसे वह छिपाने की फिराक में घूम रहा था। पुलिस के अनुसार राजीव का अपना भी शस्त्र लाइसेंस बन रहा है। अब उसे भी रद्द करवाया जाएगा। अशोक हत्याकांड की जांच स्टेट क्राइम ब्रांच कर रही है।
परिजनों ने लगाई सुरक्षा की गुहार
अशोक की हत्या के बाद से दहशत में जी रहे उसके परिजनों ने अब दूसरे बेटे की भी जान का खतरा बताया है। अशोक के भाई पीड़ित प्रदीप ने बताया कि अशोक की हत्या के बाद आरोपियों की तरफ से उन्हें लगातार धमकियां मिल रही हैं। वह अपना घर छोड़कर पहले पलवल रह रहा था। मगर वहां भी कुछ दिन पहले आरोपियों की तरफ से चार-पांच लोग उसे ढूंढते हुए आए थे। इस उसने वह ठिकाना भी बदल दिया और अब दूसरी जगह पर रहा रहा है। पुलिस ने अशोक हत्याकांड में नामजद तीन आरोपियों को इस केस से निकाल दिया है। उसने आरोप लगाया कि अशोक हत्याकांड के आरोपियों के पैसे और रसूख के कारण पुलिस उनकी सुनवाई नहीं कर रही है। वे कोई शिकायत देते हैं तो उसे पर कोई कार्रवाई नहीं होती।