ढाई साल की बेटी का अपहरण कर मांगी पांच लाख फिरौती
संजय शिशौदिया
फरीदाबाद। झारखंड के खूंटी जिले से अपनी ढाई साल की बेटी का अपहरण करके फरार हुए बीएसएफ के कथित कमांडेंट जितेंद्र कुमार को शनिवार देर शाम झारखंड पुलिस ने सेक्टर-4 प्रेम नगर बस्ती से धर दबोचा। बेटी की रिहाई के बदले आरोपी उसकी मां और अपनी दूसरी पत्नी (कांस्टेबल) पिंकी से पांच लाख रुपये की फिरौती मांग रहा था। फरीदाबाद और झारखंड पुलिस के इस संयुक्त अभियान में आरोपी के कब्जे से बच्ची को सकुशल बरामद कर लिया गया। रविवार को ड्यूटी मजिस्ट्रेट के समक्ष पेश कर झारखंड पुलिस उसे ट्रांजिट रिमांड पर अपने साथ ले गई।
झारखंड से आए एसआई अनवर आलम ने बताया कि जितेंद्र मूल रूप से बिहार के लक्खी सराय का रहने वाला है। उसने सेना की वर्दी में एक फोटो खिंचवा कर रख लिया है। यही फोटो लोगों को दिखाकर वह खुद को सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) का कमांडेंट बताकर उन्हें बीएसएफ में नौकरी लगवाने के नाम पर ठगता था। इसी के चलते उस पर लक्खीसराय, गया, बोकारो, खूंटी, जयपुर और उड़ीसा में धोखाधड़ी के मामले दर्ज हैं। झारखंड पुलिस में कांस्टेबल और जितेंद्र की दूसरी पत्नी पिंकी ने बताया कि जितेंद्र ने वर्ष 2014 में उसके साथ धोखे से शादी कर ली। 17 मई 2015 को उनकी बेटी हुई। बाद में उन्हें पता चला कि जितेंद्र पहले से शादीशुदा है। इसके बाद वह अपनी बेटी के साथ अलग रहने लगी थी। पिंकी ने बताया कि 15 जनवरी 2018 को वह रांची में ड्यूटी पर थी। इस दौरान जितेंद्र उनके घर पहुंचा और पड़ोस में रहने वाली मरियम नाम की युवती की मदद से बेटी जीवा को अपहरण कर ले गया। पिंकी की शिकायत पर खूंटी थाने में जितेंद्र व मरियम के खिलाफ अपहरण की धाराओं में मुकदमा है। मरियम को पुलिस पहले ही गिरफ्तार कर चुकी है, मगर जितेंद्र तब से फरार था। बेटी की रिहाई के लिए जितेंद्र ने पिंकी के मोबाइल पर मेसेज करके पांच लाख रुपये मांगे थे। पिंकी के भाई को भी उसने फिरौती के लिए फोन किया था।
शुक्रवार को उसे ट्रेस करते हुए झारखंड पुलिस फरीदाबाद पहुंची, साथ में आरोपी की पत्नी पिंकी भी आई थी। झारखंड पुलिस ने डीएलएफ क्राइम ब्रांच में तैनात साइबर एक्सपर्ट उपनिरीक्षक नरेंद्र शर्मा व एएसआई असरूद्दीन की मदद से शनिवार देर शाम जितेंद्र को प्रेम नगर बस्ती से धर दबोचा। इस दौरान बच्ची जीवा उसके कमरे में ही थी और वहां पूर्वोत्तर की एक युवती भी मौजूद थी। पूछताछ में पता चला कि जितेंद्र उसके साथ लिव इन में रह रहा था। पुलिस जब जितेंद्र को गाड़ी में बैठाने लगी तो वह उनकी गिरफ्त से छूटकर भाग निकला तो एसआई नरेंद्र शर्मा ने पीछा कर उसे धर दबोचा। इस दौरान उनके पैर में चोट भी लग गई।