जेल में कुकर्म का मामला
पुलिस ने अदालत में कराए महिला के गोपनीय बयान
- परिजनों का आरोप-पुलिस मामले में लीपापोती करने में जुटी, तीन दिन में नहीं कराई शिनाख्त परेड
- सीसीटीवी कैमरों में धुंधली तस्वीर के कारण नहीं दिख रहा कुछ भी
अमर उजाला ब्यूरो
बल्लभगढ़। नीमका जेल में महिला के साथ कुकर्म के मामले में पुलिस लीपापोती करने में लगी है। परिजनों का आरोप है कि घटना के तीन दिन बाद भी पुलिस ने जेल वार्डन की पहचान करवाने के लिए शिनाख्त परेड नहीं करवाई है। बुधवार को पुलिस उन्हें जेल में भी लेकर गई थी, मगर सीसीटीवी कैमरे की फुटेज दिखाकर वापस ले आई। बृहस्पतिवार को पुलिस ने पीड़ित महिला के अदालत में बयान करवाए हैं। इस घटना के बाद शाम को आईजी जेल जगजीत सिंह ने भी जेल का निरीक्षण किया। उन्होंने जेल अधीक्षक से घटना की पूरी जानकारी ली।
मंगलवार को नीमका जेल में बंद अपने देवर से मिलने गई बल्लभगढ़ निवासी एक महिला ने आरोप लगाया था कि वहां खड़े एक पुलिसकर्मी उसे अलग से बात करने के बहाने दूसरे कमरे में ले गया और उसके साथ कुकर्म किया। महिला ने शोर मचाने का प्रयास किया तो उसने उसका मुंह दबा दिया। महिला ने अपने परिजनों को फोन पर सारी घटना के बारे में बताया और उन्हें नीमका जेल बुला लिया। जेल पहुंच कर महिला के परिजनों ने जमकर हंगामा किया। पुलिस आयुक्त डा. हनीफ कुरैशी के संज्ञान में आने पर उन्होंने महिला की शिकायत पर उसी समय मामला दर्ज करने के आदेश दिए थे।
मगर इस मामले में अभी तक पुलिस ने आरोपी पुलिस कर्मी की पहचान के लिए शिनाख्त परेड नहीं करवाई है। पीड़ित महिला के भाई ने बताया कि बुधवार को पुलिस उन्हें नीमका जेल लेकर भी गई थी। मगर वहां सीसीटीवी फुटेज दिखाकर वापस ले आई। सीसीटीवी फुटेज इतनी धुंधली थी कि किसी के चेहरे नहीं पहचाने जा रहे थे। यही नहीं, जेल के मुख्य द्वार पर लगा कैमरा भी खराब था। महिला के भाई का आरोप है कि पुलिस आरोपी जेल वार्डन को बचाने में जुटी है, नहीं तो अभी तक उसकी शिनाख्त क्यों नहीं करवाई गई है।
महिला के कराए 164 के बयान
बृहस्पतिवार को पुलिस ने पीड़ित महिला को अदालत में पेश कर उसके गोपनीय बयान दर्ज करवाए हैं। पुलिस के अनुसार, मामले की जांच जारी है और सीसीटीवी फुटेज को क्लीयर करने व रिपोर्ट लेने के लिए फोरेंसिक लैब भेजा गया है। वहां से रिपोर्ट आने के बाद ही पता चल सकेगा कि सच्चाई क्या है। बुधवार को पुलिस ने जेल में बंदियों से उनके परिजनों को मिलाने का रिकार्ड भी चेक किया। पुलिस महिला के देवर से मिलने के दौरान वहां मौजूद कुछ अन्य बंदियों के रिश्तेदारों से भी पूछताछ करेगी।
कोट
बृहस्पतिवार को महिला के गोपनीय बयान दर्ज करवाए गए हैं। मामले की जांच जारी है। जल्द ही आरोपी की पहचान के लिए शिनाख्त परेड भी करवाई जाएगी। इस मामले में जो भी दोषी होगा, उसे सजा जरूर मिलेगी।
-बलबीर सिंह, एसीपी तिगांव