पत्नी को भगा ले जाने से नाराज होकर आरोपी के भाई की कर दी थी हत्या
फरीदाबाद। तीन महीने पहले पत्नी को अफसर अली का भाई मंसूर अली भगा कर ले गया था। कई बार उसके परिवार वालों को उसे बुलाने के लिए कहा लेकिन हर बार दिलासा देकर उसे वापस भेज देते थे। इस बात से नाराज होकर अफसर की हत्या कर शव को गटर में डाल दिया था। आरोपी सतेंद्र ने अपना जुर्म कबूल कर पुलिस को बताया। तीन दिन पहले सेक्टर-56 में मैनहोल में अफसर का शव मिला था। क्राइम ब्रांच डीएलएफ पुलिस ने संजय कॉलोनी निवासी सतेंद्र को गिरफ्तार कर लिया है।
क्राइम ब्रांच प्रभारी इंस्पेक्टर नवीन कुमार ने बताया कि मूलरूप से गांव रामपुर, बुलंदशहर (उत्तर प्रदेश) निवासी सतेंद्र संजय कॉलोनी में पत्नी व बच्चों के साथ रहता था। सतेंद्र के ही मोहल्ले में रहने वाला मंसूर अली करीब तीन माह पहले सतेंद्र की पत्नी को बहला फुसलाकर ले गया था। मुजेसर थाने में उसके अपहरण का मामला भी दर्ज है। सतेंद्र का बेटा दिव्यांग है और दूसरी बेटी है। पत्नी के चले जाने के बाद सतेंद्र परेशान था। बच्चों को भी संभालना मुश्किल हो रहा था। इसको लेकर वह अक्सर मंसूर के परिवार वालों से मिलता रहता और उसे ढूंढ कर वापस लाने के लिए दबाव बनाता था। मंसूर के परिवार वाले जल्द ही उसे ढूढ़ने की बात कह कर उसे भेज देते थे। तीन माह बीतने के बाद भी पत्नी का पता नहीं चलने से उसने मंसूर के भाई को रास्ते से हटाने की योजना तैयार की।
शराब पिलाने के बहाने अफसर को बुलाया था
पूछताछ के दौरान सतेंद्र ने बताया कि उसने 29 अगस्त को अफसर को शराब पीने के बहाने से बुलाया। दोनों शराब लेकर सेक्टर-56 स्थित एक खाली मैदान में बैठकर शराब पीने लगे। रात को मौका पाकर उसने अफसर की गला रेतकर हत्या कर दी और शव को मैनहोल के अंदर फेंक दिया। शव के बारे में किसी को कुछ पता न चले इसके लिए उसने पास ही पड़े गेहूं के झार से भरे बोरों को ईंट डालकर शव के ऊपर फेंक दिया और फरार हो गया। बृहस्पतिवार को अफसर की पहचान होने के बाद पुलिस ने उसके घरवालों से पूछताछ की तो सतेंद्र के बारे में पता चला। पुलिस उसकी तलाश में जुट गई। बृहस्पतिवार शाम को पुलिस ने उसे एनएचपीसी चौक से गिरफ्तार कर लिया। पुलिस उसे रिमांड पर लेकर हत्या में प्रयुक्त चाकू व अन्य सामान बरामद करेगी।
मंसूर करता था वीडियो कॉल
पूछताछ में पता चला कि मंसूर अक्सर सतेंद्र के दोस्तों को वीडियो कॉल करता था और सतेंद्र की पत्नी से भी उनकी बात करवाता था। इस पर सतेंद्र के दोस्त उसका मजाक उड़ाने लगे थे। इस बारे में उसने मंसूर के परिजनों को भी बताया और उसे जल्द वापस बुलानेे के लिए कहा, मगर मंसूर के परिवार वालों ने उसकी बातों पर गंभीरता नहीं दिखाई। सभी के बीच हंसी का पात्र बनने के कारण ही सतेंद्र ने इसका बदला लेने की ठानी और मंसूर के भाई अफसर की हत्या कर दी।