ट्रांसपोर्टर ने जहर खाकर आत्महत्या की, चार नामजद
फरीदाबाद। संतनगर निवासी एक ट्रांसपोर्टर ने जहरीला पदार्थ खाकर आत्महत्या कर ली। आरोप है कि उनके चार ट्रक तीन ट्रांसपोर्टरों ने कब्जा रखे थे, जबकि एक को फाइनेंस कंपनी ने कब्जे में ले रखा था। मृतक के बेटे का आरोप है कि काफी कहने के बाद भी फाइनेंस कंपनी का प्रबंधक ट्रक छोड़ने को तैयार नहीं था। परिजनों ने पुलिस को एक सुसाइड नोट भी सौंपा है, जिसकी पुलिस जांच करवाएगी।
संत नगर निवासी राहुल गुप्ता ने बताया कि उनके पिता राजन गुप्ता के पास छह ट्रक थे। इनमें से दो ट्रक वैशाली ट्रांसपोर्ट के संचालक सेक्टर-24 निवासी संजय सिंह व रमेश ठाकुर ने जबरन कब्जा रखे थे। राहुल का आरोप है कि उनके पिता ने इन ट्रकों की किश्त भरने के लिए संजय व रमेश को करीब छह लाख रुपये दिए थे मगर उन्होंने न तो किश्त भरी और न ही रुपये लौटाए। पैसे मांगने पर जान से मारने की धमकी देते थे। इसी तरह दो ट्रक उन्होंने हिमाचल रोड लाइंस के मालिक रिंकू भाटी को दे रखे थे। रिंकू के साथ उनका करार हुआ था कि वह हर माह उन्हें 50 हजार रुपये देगा। कुछ समय तो रिंकू ने रुपये दिए लेकिन पिछले छह माह से कोई पैसा नहीं दिया। इस पर उसके पिता ने उससे ट्रक वापस मांगे तो उसने मना कर दिया और जान से मारने की धमकी दी।
राहुल ने बताया कि उनके दो ट्रक हिंदुजा से फाइनेंस हुए हैं। पिछले करीब चार माह से फाइनेंस कंपनी के प्रबंधक राम किशोर कौशिक ने जबरन खड़ा करवा रखा था। उसके पिता ने कंपनी प्रबंधन को बकाया भुगतान करने की बात कही थी। आरोप है कि कंपनी ने अनापशनाप चार्ज लगाकर काफी पैसा बना रखा था, जिसे उसके पिता अदा नहीं कर पाए। इन सबसे परेशान होकर शनिवार को उन्होंने जहरीला पदार्थ खाकर आत्महत्या कर ली। रविवार को पुलिस को दी शिकायत में परिजनों ने एक सुसाइड नोट भी सौंपा, जिसे पुलिस ने कब्जे में ले लिया है। पुलिस ने शिकायत के आधार पर मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।