अपहरण कर दुष्कर्म के दो दोषियों को 7 व 10 साल की कैद
फरीदाबाद। घर में सो रही किशोरी का अपहरण कर दुष्कर्म करने के एक मामले में अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश कुलदीप सिंह की अदालत ने आरोपी को दोषी करार देते हुए 7 साल कैद और 20 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। वहीं, एक अन्य मामले में किशोरी को शादी का झांसा देकर ले जाने और दुष्कर्म के मामले में अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश कुलदीप सिंह की अदालत ने आरोपी को दोषी करार देते हुए 10 साल कैद और 15 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है।
पहला मामला सेक्टर-16 स्थित महिला थाने में 13 दिसंबर 2016 को दर्ज किया गया था। अपनी शिकायत में पीड़ित किशोरी ने बताया था कि वह 12 दिसंबर की रात घर में दादी के पास सोई हुई थी। रात को गांव का ही संजीव उर्फ मोनू नामक युवक आया और उसका मुंह दबाकर अपहरण कर गांव के बाहर ले गया। आरोपी ने किशोरी से दुष्कर्म किया और किसी को बताने पर जान से मारने की धमकी दी। पुलिस ने मामला दर्ज कर आरोपी मोनू को गिरफ्तार कर लिया था। तब से यह मामला अदालत में विचाराधीन था। इसमें अदालत ने मंगलवार को दोषी को 7 साल कैद और 20 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है।
दूसरा मामला, 30 मार्च 2017 को मुजेसर थाने में दर्ज किया गया था। शिकायतकर्ता ने शिकायत में बताया कि उनकी बेटी ने 10वीं कक्षा की परीक्षाएं दी थी, जिसमें उसके एक पेपर में कंपार्टमेंट आया था। 30 मार्च को वह पेपर देने गई थी, मगर लौटी नहीं। परिजनों ने तलाश शुरू की, मगर कुछ पता नहीं चला। पुलिस ने किशोरी की पिता की शिकायत पर अपहरण का मामला दर्ज कर जांच शुरू की। पुलिस ने करीब ढाई माह बाद किशोरी को फरुखाबाद, उत्तर प्रदेश के नजदीक रोशनाबाद से बरामद कर रवि कुमार नामक युवक को गिरफ्तार किया था। रवि, किशोरी को शादी का झांसा देकर ले गया था और उससे दुष्कर्म कर रहा था। तब से यह मामला अदालत में विचाराधीन था। इस मामले में मंगलवार को अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश कुलदीप सिंह की अदालत ने दोषी को 10 साल कैद और 15 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है।