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फीस जमा न कर पाने से आहत मजदूर की सदमे से मौत

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फीस जमा न कर पाने से आहत मजदूर की सदमे से मौत
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परिजनों ने फूलबेहड़ के एक कॉलेज पर लगाया आरोप
23 एलकेएच 15
अमर उजाला ब्यूरो
सुंदरवल-महेवागंज। कॉलेज में फीस जमा नहीं कर पाने पर बच्चों को छमाही परीक्षा से वंचित किए जाने से आहत अभिभावक की मौत हो गई। इस घटना के लिए परिजन और ग्रामीण कॉलेज प्रबंधन को मौत का जिम्मेदार मान रहे हैं। उधर, पुलिस का कहना है कि इस मामले में अब तक कोई तहरीर नही मिली है।
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फूलबेहड़ थाना क्षेत्र के गांव मौजमाबाद के महामाया पब्लिक इंटर कॉलेज में गांव के ही श्रीपाल के दो बच्चे बबलू हाई स्कूल व मोहिनी इंटर में पढ़ते हैं। घरवालों ने बताया कि मजदूरी पेशा श्रीपाल अपने बच्चों की फीस जमा नहीं कर पाया। नतीजतन कॉलेज प्रशासन ने दोनों बच्चों को छमाही की परीक्षा से वंचित कर दिया। इसकी जानकारी जब श्रीपाल को हुई तो वह सोमवार को स्कूल गए और फीस के बारे में अध्यापकों से बात करनी चाही। आरोप है कॉलेज वालों ने उसे गेट पर ही रोक लिया और उसे खरी खोटी सुनाई। इससे क्षुब्ध श्रीपाल वापस घर आया और बच्चों को चिपकाकर रोने लगा। परिवार के मुताबिक इस बीच अचानक श्रीपाल के सीने में दर्द उठा और वह गश खाकर गिर गया। परिजन उसे डॉक्टर के पास ले जाते इससे पहले ही श्रीपाल की मौत हो गई। परिजन और ग्रामीण सदमे से मौत होने की बात कह कॉलेज प्रबंधन को इसका जिम्मेदार मान रहे हैं। हालांकि परिजनों ने लिखित में कोई शिकायत नहीं की है। उधर, कॉलेज के प्रधानाचार्य गौतम प्रसाद का कहना है कि दोनों बच्चे हमारे स्कूल में पढ़ाई करते थे। गत वर्ष की 1750 रुपये फीस बाकी होने के कारण छात्र बबलू का नाम काट दिया गया था। जबकि मोहिनी इंटर की छात्रा है। हमारे यहां चार किस्तों में पूरे साल की फीस ली जाती है। फीस के नाम पर अब तक सिर्फ 500 रुपयेे परिजनों ने जमा किया है। इस वर्ष का 6535 रुपये व गत वर्ष का 1750 रुपये बाकी होने के कारण मोहिनी को परीक्षा में नहीं बैठने दिया गया। श्रीपाल कॉलेज नहीं आया था। आरोपों को निराधार बताते हुए कहा अभिभावक की मौत की जानकारी उन्हें नहीं है।
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