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घरेलू सहायिका ने भाई-भाभी के साथ मिलकर मकान मालकिन को लूटा

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घरेलू सहायिका ने भाई-भाभी के साथ बुजुर्ग को बंधक बना लूटा
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फरीदाबाद। एक घर में कार्यरत घरेलू सहायिका ने अपने भाई और भाभी के साथ मिलकर घर में मौजूद बुजुर्ग महिला को बंधक बना कर जेवर लूट लिए। इस दौरान घर के बाहर घूम रहे पड़ोसी ने शक होने पर दरवाजे की घंटी बजाई तो ऊपर की मंजिल पर रहने वाली बुजुर्ग महिला की बहू बाहर आई। पड़ोसी के दो अंजान लोगों के अंदर जाने की बात बताने पर महिला की बहू नीचे आई तो उसे लूट के बारे में पता चला। पड़ोसी की सूझबूझ से आरोपी भी पकड़े गए। पुलिस ने इस मामले में घरेलू सहायिका सहित उसके भाई-भाभी को गिरफ्तार कर लिया है। तीनों को अदालत में पेश किया गया। दोनों महिलाओं को जेल भेज दिया गया है, जबकि व्यक्ति को एक दिन के रिमांड पर लिया है।
सेक्टर-14 निवासी 80 वर्षीय ऊषा आहूजा अपने मकान के भूतल पर रहती हैं। पहली मंजिल पर उनका बेटा और बहू रहते हैं। थाना सेंट्रल में तैनात जांच अधिकारी एसआई राजबीर सिंह ने बताया कि ऊषा के घर में मंजू उर्फ ऋतु नाम की महिला घरेलू सहायिका के तौर पर काम करती है। मंजू मूलरूप से नेपाल की रहने वाली है। पुलिस के अनुसार, मंजू का भाई बलराम और भाभी निशा भिवानी में रहते हैं और काम करते हैं। मंजू के भाई को पैसों की जरूरत थी। इस पर मंजू ने आहूजा परिवार में लूटपाट की योजना बनाई। वारदात के लिए मंजू ने अपने भाई-भाभी को यहां बुला लिया।
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शुक्रवार दोपहर को बलराम और निशा अपने छह साल के बच्चे के साथ यहां पहुंचे। आहूजा परिवार का मकान ढूंढते हुए उन्होंने गली में घूम रहे व्यक्ति से पता पूछा तो उन्होंने बता दिया। बलराम और निशा गेट खोलकर सीधे मकान में दाखिल हो गए। पुलिस के अनुसार इस दौरान दोनों फोन पर मंजू के साथ संपर्क में थे। मकान में दाखिल होते ही बलराम और निशा ऊषा आहूजा के कमरे में दाखिल हुए और उनके मुंह पर टेप लगाकर बंद कर दिया, ताकि वह शोर न मचा सकें। दोनों ने बुजुर्ग महिला के हाथ पांव भी बांध दिए और साइड में बैठा दिया। दोनों ने महिला की सोने की चेन, दो कड़े, तीन पेंडेंट और अलमारी में रखे कुछ रुपये लूट लिए।
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परिजनों ने मकान मालकिन के हाथ-पांव खोले
घर के बाहर घूम रहे आहूजा परिवार के पड़ोसी ने शक होने पर घंटी बजाई तो ऊषा आहूजा की बहू ने ऊपर से ही बाहर झांका। इस पर उनके पड़ोसी ने दो अजनबी लोगों के अंदर आने की बात बताई। इस दौरान मंजू पीछे दरवाजे से अपने भाई और भाभी को लेकर दूसरी मंजिल पर बने अपने कमरे में ले गई और वहां छिपा दिया। परिजनों ने पहुंचकर ऊषा के हाथ पांव खोले। घर से कोई बाहर नहीं गया था। ऐसे में उनकी तलाश करते हुए जब वे लोग छत पर पहुंचे तो उन्होंने छत का दरवाजा अंदर से बंद कर लिया था। घटना की सूचना पुलिस को दी गई। पुलिस ने मौके पर पहुंच कर दरवाजा खुलवाया और दोनों को हिरासत में ले लिया। पूछताछ के दौरान दोनों ने बताया कि मंजू ने उन्हें बुलाया था तो पुलिस ने उसे भी गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने शनिवार को तीनों को अदालत में पेश किया, जहां से मंजू और निशा को जेल भेज दिया गया, जबकि बलराम को एक दिन के रिमांड पर लिया गया है।
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