स्टेट बैंक से 90 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी करने के मामले में पुलिस ने एसआरएस ग्रुप के चेयरमैन अनिल जिंदल, नानकचंद तायल, बिशन बंसल और राजेश सिंगला को दो दिन की रिमांड पर लिया है।
एसबीआई के तत्कालीन मुख्य प्रबंधक अजीत सिंह ने 25 अप्रैल 2018 को पुलिस आयुक्त कार्यालय में एसआरएस ग्रुप के खिलाफ 90 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी करने की शिकायत दी थी। शिकायत के अनुसार एसआरएस ग्रुप ने एसआरएस रायल हिल्स सेक्टर 87 में हाउसिंग प्रोजेक्ट विकसित करने के लिए वर्ष 2009 में बैंक से कर्ज लिया था।
यह कर्ज बैंक ने संपत्ति मॉर्टगेज कर दिया था। आरोप था कि इसी हाउसिंग प्रोजेक्ट के लिए एसआरएस रियल एस्टेट लिमिटेड ने वर्ष 2013 में केनरा बैंक की नीलम बाटा रोड शाखा से भी कर्ज लिया, केनरा बैंक में यह बात छिपाई गई कि इस प्रोजेक्ट के लिए ग्रुप ने एसबीआई से भी कर्ज ले रखा है। ग्रुप ने केनरा बैंक से उन फ्लैटों के एवज में कर्ज लिया जिन्हें पहले ही बेचा जा चुका था और एसबीआई ने उन्हें फाइनेंस किया था।
कर्ज नहीं चुकाए जाने पर केनरा बैंक ने 2018 में संपत्ति जब्त करने की कार्रवाई कर दी। आरोप था कि ग्रुप ने बैंक के साथ हुए समझौते का उल्लंघन कर धोखाधड़ी की, जिससे सार्वजनिक संपत्ति की हानि हुई। मामले की जांच कर रही आर्थिक अपराध शाखा ने ग्रुप के चेयरमैन अनिल जिंदल सहित चार लोगों को पूछताछ के लिए दो दिन की रिमांड पर लिया। पुलिस प्रवक्ता सूबे सिंह ने बताया कि मामले की जांच अप्रैल 2018 से चल रही है।