बलराज पर फरीदाबाद से था एक लाख का इनाम
फरीदाबाद। हरियाणा एसटीएफ, यूपी एसटीएफ और नोएडा पुलिस के हाथों एनकाउंटर में मारे गए सुंदर भाटी गैंग के शार्प शूटर बलराज भाटी की तलाश फरीदाबाद पुलिस को भी करीब सवा तीन साल से थी। फरवरी 2015 में बलराज ने सुपारी लेकर शशी हत्याकांड के गवाह जितेंद्र और बीच -बचाव करने आए कल्लू नामक युवक की गोली मारकर हत्या कर दी थी। पुलिस ने उस पर 50 हजार का इनाम घोषित किया था। पिछले दिनों इनाम की इस राशि को बढ़ाकर एक लाख कर दिया गया था।
इस मामले में फरीदाबाद से वांछित था बलराज
गांव बदरौला निवासी सतपाल उर्फ सत्ते ने 10 फरवरी 2015 को थाना छायंसा में दर्ज करवाई शिकायत में बताया था कि वह और उसका भाई जितेंद्र गांव घरौड़ा के अड्डे पर खंभे पर डिश केबल नेटवर्क का काम कर रहे थे। वहीं पर शौराज उर्फ कल्लू भी अपनी दुकान पर मौजूद था। इसी दौरान ब्रह्मजीत, राजबीर, राजबीर का लड़का सुंदर, अनिल, मनोज मांगर का छोटा भाई, बलराज भाटी और श्यामबीर का लड़का आ गए। इन सभी के पास पिस्टल व माउजर थे। इन्होंने उसके छोटे भाई जितेंद्र पर गोलियां चला दी। जितेंद्र अपने भाई शशी की हत्या के मामले में गवाह था। इसलिए उसे मारने की लिए हमला किया गया था। इस दौरान मौके पर मौजूद कल्लू उर्फ शौराज ने उनके भाई जितेंद्र को बचाने की कोशिश की तो बदमाशों ने उस पर भी फायर कर दिया, जिससे वह भी घायल हो गया था। बाद में अस्पताल में उसने भी दम तोड़ दिया था। इसके बाद बदमाशों ने उसके भाई का पीछा कर उसे गोली मार दी। जितेंद्र की मौके पर ही मौत हो गई। इस मामले में वांछित उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर के गांव धूसरी निवासी बलराज उर्फ भाटी अभी तक गिरफ्तार नहीं हो सका था।
पिछले माह बढ़ाई थी इनाम की राशि
बलराज भाटी पर जिला पुलिस ने पहले 50 हजार रुपये का इनाम रखा हुआ था। पुलिस आयुक्त अमिताभ सिंह ढिल्लो ने पुलिस महानिदेशक को पत्र लिखकर इनाम बढ़ाकर एक लाख करने की मांग की थी, जिसे पिछले माह बढ़ाकर एक लाख रुपये कर दिया गया था। साथ ही पुलिस आयुक्त ने क्राइम ब्रांच की टीमों को उसकी तलाश में लगा दिया था। पुलिस प्रवक्ता सूबे सिंह ने बताया कि जिला पुलिस भी बलराज भाटी के काफी करीब थी, मगर उससे पहले ही वह नोएडा में पुलिस मुठभेड़ में मारा गया।