डिश एंटीना के काम से हुआ था लव कनेक्शन
फरीदाबाद। करीब पांच साल पहले नरेंद्र सिंह रंधावा फरीदाबाद में ही डिश एंटीना लगाने का काम करता था। इस दौरान सेक्टर-सात में रविंद्र नागी के घर आने जाने के दौरान उसकी आंखें उनकी छोटी बेटी निक्की से चार हो गई और डिश लगाते-लगाते उनका लव कनेक्शन जुड़ गया। उस समय निक्की हाईस्कूल में पढ़ रही थी। दोनों ने परिजनों की मर्जी के खिलाफ शादी की थी। साढ़े चार साल में ही दोनों में इतने मतभेद हो गए थे कि अब निक्की नरेंद्र के साथ रहने को तैयार नहीं थी।
मूलरूप से गांव सैदोक, अमृतसर निवासी नरेंद्र सिंह पांच साल पहले तक शास्त्री कॉलोनी, ओल्ड फरीदाबाद में रहता था और डिश एंटीना लगाने का काम करता था। उस समय निक्की का परिवार सेक्टर-सात में किराए के मकान में रहता था। रविंद्र नागी के घर डिश एंटीना लगाने के दौरान निक्की और नरेंद्र के बीच दोस्ती हो गई, जोकि धीरे-धीरे प्यार में बदल गई। दोनों शादी करना चाहते थे, मगर परिजन तैयार नहीं हुए तो उन्होंने कोर्ट मैरिज कर ली। इसके बाद से नरेंद्र और निक्की जीरकपुर, चंडीगढ़ में किराए का मकान लेकर रह रहे थे। नरेंद्र वहां भी डिश एंटीना लगाने का काम कर रहा था। अब नरेंद्र निक्की को गांव चलकर रहने के लिए कहा करता था, मगर वह वहां नहीं जाना चाहती थी। इसको लेकर भी दोनों में अक्सर झगड़ा होता था। इस बारे में निक्की ने अपनी मां को बताया था, जिसके बाद करीब चार माह पहले करवा चौथ के अगले दिन प्रतिभा नागी बेटी निक्की को लेकर फरीदाबाद आ गईं थीं।
मासूमों को नहीं पता सिर से उठ गया मां-बाप का साया
निक्की और नरेंद्र के दो बच्चे हैं। बड़ी बेटी कनिष्का और छोटा बेटा जसकीरत है। बृहस्पतिवार को इस घटना के बाद दोनों बच्चे घर में नानी के पास थे। हादसे के बाद पुलिस कार्रवाई के दौरान डेढ साल का जसकीरत नानी से लिपटे हुए पुलिस वालों को आते जाते हुए देख रहा है, वहीं कनिष्का घर में सोफे पर सोई हुई थी। दोनों ही इस बात से बेखबर थे कि उनके सिर से माता-पिता का साया उठ चुका है। परिजनों ने निक्की मां प्रतिभा को भी नहीं बताया था कि उसकी मौत हो चुकी है। वह घर में हर आने जाने से बस यही पूछ रही थी कि उसकी निक्की तो ठीक है न वह बच तो जाएगी न और हर कोई उन्हें यही दिलासा दे रहे थे कि सब ठीक हो जाएगा।