फरीदाबाद। ग्रेटर फरीदाबाद क्षेत्र में पानी की पाइप डालने में हुई पांच करोड़ की गड़बड़ी मामले में नगर निगम ने ठेकेदार पर आठ करोड़ रुपये का जुर्माना लगाया है, जिसे जल्द ही वसूला जाएगा। मामले की जांच अभी चल रही है। यह देेखना है कि किसके कार्यकाल में काम का गलत मेजरमेंट हुआ।
शहर में सीवर और पानी को बेहतर करने के लिए केंद्र सरकार की ओर से अटल नवीनीकरण और शहरी परिवर्तन मिशन (अमृत) के तहत पैसा दिया गया था। अमृत योजना के तहत ग्रेटर फरीदाबाद में पानी की पाइप लाइन डालने का ठेका केबीआर शिल्पा जेवी को मिला था। एजेंसी ने साल 2020-21 में डीआई पाइप डालने का काम शुरू किया था, हालांकि बीच में ही कंपनी से काम बंद कर दिया था। इसके बाद आगे की टेंडरिंग और कंपनी पर कार्रवाई करने की औपचारिकताएं शुरू हुईं। निगम ने एजेंसी के कार्यों का मेजरमेंट कराया तो सामने आया कि कागजों में करीब 113 किमी लाइन डाली गई, जबकि, मौके पर 90 किमी है। निगम आयुक्त ने मुख्य अभियंता बीके कर्दम को जांच सौंपी हुई है। दूसरी ओर नगर निगम ने बीच में काम छोड़ने पर एजेंसी पर करीब आठ करोड़ की पेनाल्टी, टेंडर के शर्तों के अनुसार लगाई गई है। निगम जल्द ही पैसे वसूल करेगा। दूसरी ओर नगर निगम का कहना है कि ठेकेदार द्वारा सिक्योरिटी मनी समेत अन्य के करीब पांच करोड़ रुपये निगम के पास हैं। दूसरी ओर लोगों का कहना है कि गलत मेजरमेंट करने वालों खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए, हालांकि अभी यह कोई बताने को तैयार नहीं है कि किसके कार्यकाल में गड़बड़ी हुई।
ब्यूरो