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Faridabad News: लूट, चोरी और झगड़े का आरोपी पुलिस हिरासत से फरार, बाद में पकड़ा गया

Fri, 28 Apr 2023 10:50 PM IST
नोएडा ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, फरीदाबाद
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बल्लभगढ़। छायंसा थाना पुलिस की गिरफ्त से लूट, चोरी व लड़ाई-झगड़े समेत सात वारदात को अंजाम देने वाला आरोपी बुधवार रात पुलिस हिरासत से फरार हो गया। आरोपी अपने गांव पन्हैड़ा खुर्द में सरकारी गाड़ी की खिड़की खोलकर फरार हुआ। थाना छायंसा के तीन पुलिसकर्मी के खिलाफ केस दर्ज करके जांच शुरू कर दी गई है। हालांकि उसे बृहस्पतिवार शाम 24 घंटे के बाद क्राइम ब्रांच 56 ने पलवल से गिरफ्तार कर लिया।
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छायंसा थाना पुलिस ने पीओ पन्हैडा खुर्द निवासी निदेश उर्फ देसी को बल्लभगढ़ से गिरफ्तार किया था। एएसआई हरकेश, एसपीओ श्याम सिंह और चालक कपिल ने आरोपी दिनेश उर्फ देसी का मेडिकल कराकर बल्लभगढ़ सरकारी अस्पताल से वापस थाने में ला रहे थे। पुलिस के अनुसार तिगांव पन्हैड़ा खुर्द में गति अवरोधक होने के कारण गाड़ी की गति धीमी थी। आरोपी दिनेश गाड़ी की खिड़की खोलकर पुलिस हिरासत से फरार हो गया, जिसका टीम ने काफी पीछा किया लेकिन आरोपी काबू नहीं आ सका। जिसकी सूचना क्राइम ब्रांच 56 को दी गई। क्राइम ब्रांच द्वारा बृहस्पतिवार की शाम को आरोपी दिनेश उर्फ देशी को गांव पलवल से गिरफ्तार कर लिया गया। इसके लिए क्राइम ब्रांच के अलावा अन्य टीमें आरोपी की धरपकड़ में लगी हुई थी। आरोपी के काबू होने पर पुलिस ने राहत की सांस ली। दूसरी ओर सिपाही सुरेंद्र की शिकायत पर पुलिस कर्मी हरकेश, श्याम सिंह और कपिल पर केस दर्ज कर लिया गया।


इस मुकदमे का आरोपी
गांव हीरापुर निवासी बृजभूषण ने बताया कि 16 जून 2015 को अपने गांव के लिए आ रहा था। रात को करीब साढ़े 9 बजे गांव के पास पहुंचा तो एक स्कूटी व एक मोटरसाइकिल पर तीन युवक उनसे फोन मांगने लगे। उन्होंने देने से मना कर दिया। इसके बाद आरोपियों ने पीछे से पिस्टल लगा दी और कहा जो कुछ भी है दे दो। उनका पर्स, मोबाइल, बाइक लेकर फरार हो गए। इस मामले में दो आरोपियों को पुलिस ने गिरफ्तार किया था। जिसमें से एक आरोपी दिनेश उर्फ देसी था। 31 मार्च को केस की सुनवाई के दौरान कोर्ट में पेश नहीं होने पर आरोपी दिनेश को कोर्ट द्वारा पीओ घोषित कर दिया गया था। आरोपी ने जमानत पर रहकर 7 लूट , चोरी और लड़ाई-झगड़े की वारदात को अंजाम दिया ।
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पुलिस की बढ़ी चूक
सूत्रों के अनुसार पुलिस की लापरवाही से आरोपी फरार हो गया और तीन पुलिसकर्मी मूकदर्शक बने रहे। पुलिस की थ्योरी पर भी कई सवाल उठ रहे हैं। पुलिस के अनुसार आरोपी वाहन से निकल कर फरार हो गया। जबकि, दो पुलिसकर्मी उसके साथ बैठे थे। सरकारी गाड़ी में जब भी आरोपी को ले जाया जाता है तो आरोपी को पुलिसकर्मी के बीच में बैठाकर ले जाया जाता है। आरोपी काे पुलिस पकड़कर रखती है। इसके अलावा अगर यदि संगीन जुर्म के आरोपी को पुलिस लेकर जाती है तो उसके लिए उनको दो से तीन अन्य पुलिसकर्मी लेकर चलती है। ऐसे में पूरे मामले में पुलिस, सवालों के घेरे में हैं।


अपने गांव में हुआ आरोपी फरार
आरोपी दिनेश गांव पन्हैड़ा खुर्द का रहने वाला है। जब आरोपी पुलिस की कस्टडी से फरार हुआ तब वह गांव से गुजर रहे थे। आरोपी दिनेश को गांव के चप्पे चप्पे से वाकिफ था, इसलिए पुलिस की कस्टडी से फरार होने के बावजूद भी आरोपी को समय रहते नहीं पकड़ा गया। पुलिसकर्मी तंग गलियों से अनजान थे और आरोपी को गलियों की पूरी जानकारी थी, जिसके चलते वह भागने में सफल हो गया।
पहले भी आ चुके हैं मामले-

7 साल पहले भी फरार हुआ था दहेज प्रताड़ना का आरोपी : दहेज उत्पीड़न के मामले में रिमांड पर लिया गया आरोपी रफीक पुलिसकर्मियों को चकमा देकर फरार हो गया था। पुलिस आरोपी को साथ लेकर सामान बरामद करने उसके घर गई थी। कार्रवाई के दौरान आरोपी ने पुलिसकर्मियों के हाथ से खुद को छुड़ा लिया, फिर धक्का देकर फरार हो गया था।
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संवाद न्यूज एजेंसी
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