कार्यकारी अभियंता और पार्षदों के बीच चल रहे विवाद का खामियाजा जनता को भुगतना पड़ रहा
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अमर उजाला ब्यूरो
फरीदाबाद। नगर निगम के कर्मचारी लगातार दूसरे दिन बृहस्पतिवार को भी धरने पर बैठे रहे। कार्यकारी अभियंता और पार्षदों के बीच चल रहे विवाद का खामियाजा जनता को भुगतना पड़ रहा है। निगम कार्यालय में काम ठप होने के कारण नागरिक बिना काम कराए ही लौटने को मजबूर है। अब निगम की इंजीनियरिंग शाखा ने शुक्रवार से ट्यूबवेल और बूस्टर बंद करने की चेतावनी दी है। नगर निगम के इस फैसले से शहर में पेयजल और सीवर व्यवस्था पर बड़ा संकट खड़ा हो सकता है। निगम के पास करीब 1,690 ट्यूबवेल और लगभग 300 सीवर डिस्पोजल हैं। शहर की करीब 60 प्रतिशत आबादी पेयजल के लिए ट्यूबवेल पर निर्भर है। ऐसे में ट्यूबवेल बंद होने पर हजारों परिवारों को पानी की किल्लत का सामना करना पड़ सकता है।
दूसरी ओर, यदि सीवर डिस्पोजल भी प्रभावित हुए तो कई इलाकों में सीवर ओवरफ्लो की समस्या हो सकती है। शहर के अनेक क्षेत्रों में पहले से ही सीवर जाम और ओवरफ्लो की शिकायतें बनी हुई हैं। ऐसे में डिस्पोजल बंद होने से हालात और बिगड़ने की आशंका है।
जब तक दीपक यादव और पवन यादव के खिलाफ एफआईआर दर्ज नहीं होती, तब तक धरना जारी रहेगा। किसी भी पार्षद को अधिकारी या कर्मचारी के साथ अभद्र व्यवहार करने का अधिकार नहीं है। दोषियों के खिलाफ कार्रवाई होने तक आंदोलन जारी रहेगा।- डालचंद, कार्यकारी अभियंता, नगर निगम