कोरोना के मामले में उछाल को देखते हुए अस्पताल में इलाज के लिए पहुंच रहे सर्दी जुकाम के मरीजों और संदिग्धों की जांच बढ़ा दी गई है। कोरोना संक्रमित मरीज सबसे ज्यादा सेक्टर-21, सेक्टर-15, 16, सेक्टर-46, 78 और ग्रीनफील्ड सहित आसपास के हिस्सों से सामने आ रहे हैं।
फरीदाबाद स्मार्ट सिटी में लगातार कोरोना का संक्रमण बढ़ रहा है। सोमवार को जिले में 44 कोरोना संक्रमित मरीजों की पुष्टि हुई। अब संक्रमितों की संख्या 266 हो गई है। चार मरीज निजी अस्पतालों में भर्ती हैं, जबकि 262 को होम आइसोलेशन में रखा गया है। इलाज के बाद सोमवार को 40 मरीजों को स्वस्थ घोषित कर दिया गया। 618 लोगों ने कोरोना की जांच कराई। कोरोना के मामले में उछाल को देखते हुए अस्पताल में इलाज के लिए पहुंच रहे सर्दी जुकाम के मरीजों और संदिग्धों की जांच बढ़ा दी गई है। कोरोना संक्रमित मरीज सबसे ज्यादा सेक्टर-21, सेक्टर-15, 16, सेक्टर-46, 78 और ग्रीनफील्ड सहित आसपास के हिस्सों से सामने आ रहे हैं।
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सुबह 12 बजे शुरू हुई मॉक ड्रिल
प्रदेश में कोरोना के मामलों में बढ़ोतरी जारी है, प्रतिदिन मामलों में उछाल दर्ज किया जा रहा है। लगातार हो रहे इजाफे को लेकर स्वास्थ्य विभाग के निर्देशानुसार मॉक ड्रिल का आयोजन किया गया। सोमवार को अस्पतालों में महामारी से जंग जीतने की तैयारियों की जांच की गई। पीएमओ सविता यादव की देखरेख में नागरिक अस्पताल में मॉक ड्रिल का आयोजन किया गया। करीब 30 मिनट तक हुई मॉक ड्रिल में रोगियों को अस्पताल पहुंचाने के साथ-साथ इलाज की प्रक्रिया का अभ्यास किया गया। नर्सिंग स्टाफ पीपीई किट पहनकर मरीजों का इलाज करते हुए दिखाई दिए। वहीं, निजी अस्पताल प्रबंधन ने डॉक्टर, एम्बुलेंस और ऑक्सीजन संबंधित जानकारी साझा की। दोपहर करीब 12 बजे मॉक ड्रिल शुरू हुई। एंबुलेंस, रोगी (रोगी बने युवक) को लेकर सायरन बजाती नागरिक अस्पताल पहुंची। एंबुलेंस के पहुंचने से पहले ही पीपीई किट पहने नर्सिंग स्टाफ स्ट्रेचर लेकर अस्थायी अस्पताल के बाहर तैनात था। बिना किसी देरी के रोगी को कोरोना वार्ड में ले गए। स्टाफ ने शुगर, बीपी और ऑक्सीजन लेवल सहित अन्य प्राथमिक जांच की। रोगी का ऑक्सीजन कम होने पर तुरंत कृत्रिम ऑक्सीजन दी गई।
अस्पताल के पास हैं 96 बेड और 43 वेंटिलेटर
डॉ. सविता यादव ने बताया कि अस्थायी रूप से बनाए गए अस्पताल में करीब 96 ऑक्सीजन युक्त बेड हैं। अस्पताल के पास 600 और एक हजार लीटर ऑक्सीजन प्रति मिनट वाले दो प्लांट हैं। इसके अतिरिक्त यदि स्थिति ज्यादा खराब होती है, तो उसके लिए तीसरी मंजिल के कमरों को भी कोविड के लिए आरक्षित कर दिया जाएगा। जरूरत पड़ी तो ईएसआई मेडिकल कॉलेज की सहायता ली जाएगी। निजी अस्पतालों में ऑक्सीजन कंसंट्रेटर की संख्या 387 और सरकारी अस्पतालों में 662 है, वहीं निजी व सरकारी अस्पतालों में डी टाइप ऑक्सीजन सिलेंडर की संख्या 2510, बी टाइप ऑक्सीजन सिलेंडर की संख्या 1813 और ए टाइप ऑक्सीजन सिलिंडर की संख्या 207 है।
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नर्सिंग स्टाफ बढ़ाया जाएगा
पीएमओ ने बताया कि फिलहाल कोरोना वार्ड में जरूरत के अनुसार नर्सिंग स्टाफ है, पिछले साल हुई परेशानी को देखते हुए उच्च अधिकारियों से स्टाफ की मांग की गई थी। अस्पताल में स्थिति खराब होती है तो उसके हिसाब से डॉक्टरों और नर्सिंग स्टाफ की संख्या बढ़ाई जाएगी। इसके अतिरिक्त कोविड को लेकर एंबुलेंस भी आरक्षित की गई है। विभाग ने हर प्रकार की स्थिति से निपटने की तैयारी की है।