फरीदाबाद। अदालत ने दो अप्रैल 2023 को सूर्या विहार इलाके में हुए विवाद के मामले में आरोपी उमर को मारपीट और धमकी देने का दोषी करार दिया है। सत्र न्यायाधीश संदीप गर्ग ने 14 मई को फैसला सुनाते हुए कहा कि शिकायतकर्ता राहुल चौहान को कैंची मारकर घायल करने और धमकी देने के आरोप साबित होते हैं लेकिन पर्स लूटने और कार तोड़फोड़ के आरोप संदेह से परे साबित नहीं हुए।
अदालत में पेश शिकायतकर्ता के अनुसार राहुल चौहान अपने दोस्त डॉ. राकेश कुमार से मिलने सूर्या विहार स्थित मुक्ता क्लिनिक पहुंचे थे। इसी दौरान उन्होंने देखा कि पास में खड़ा एक युवक मोबाइल फोन पर किसी अब्दुल के बारे में बात कर रहा था और कह रहा था कि वह अभी जेल से बाहर आया है। राहुल ने उससे उसका नाम पूछ लिया। आरोप है कि इसी बात पर दोनों के बीच कहासुनी हो गई। शिकायत के मुताबिक युवक ने गुस्से में कहा कि राहुल ने उसका रोजा खराब कर दिया। इसके बाद आरोपी ने पहले राहुल की कार के शीशे पर पत्थर मारा और फिर पास की सैलून से कैंची लाकर उनकी बाईं कोहनी पर हमला कर दिया।
अभियोजन ने दावा किया था कि हमले के बाद आरोपी राहुल का पर्स लेकर भाग गया लेकिन अदालत को इस आरोप के समर्थन में पर्याप्त और भरोसेमंद सबूत नहीं मिले। कोर्ट ने मेडिकल रिपोर्ट और घायल राहुल चौहान के बयान को भरोसेमंद मानते हुए कहा कि चोट और धमकी की घटना साबित होती है। इसी आधार पर उमर को धारा 323 और 506 आईपीसी में दोषी ठहराया गया, जबकि धारा 379-बी और 427 आईपीसी से दोषमुक्त कर दिया गया। संवाद