अंडरपास बनने से एनआईटी क्षेत्र के करीब एक लाख लोगों की राह होगी आसान
संवाद न्यूज एजेंसी
फरीदाबाद। मुजेसर अंडरपास के निर्माण का रास्ता साफ हो चुका है। अवैध कब्जों को हटाने के बाद हरियाणा स्टेट रोड एंड ब्रिज डेवलपमेंट कॉरपोरेशन ने अंडरपास निर्माण के लिए टेंडर प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। दिसंबर माह के अंत तक अंडरपास निर्माण का काम शुरू होने की उम्मीद है। यहां अंडरपास बनने से एनआईटी क्षेत्र के करीब एक लाख लोगों को राहत मिलेगी।
मुजेसर रेलवे फाटक पर अभी कोई ओवरब्रिज या अंडरपास नहीं है। इस फाटक को रोजाना करीब एक लाख लोग जान जोखिम में डालकर पार करते हैं। यहां अंडरपास बनाने की योजना भी कई साल पहले बनाई गई थी। अंडरपास व ओवरब्रिज न होने के चलते मुजेसर, सेक्टर-23, 24, बाटा चौक, संजय कॉलोनी, सेक्टर-52 की तरफ के लोगों को बाटा रेलवे ओवरब्रिज या सोहना रेलवे ओवरब्रिज से होकर जाना पड़ता है। इससे लोगों को लंबा चक्कर लगाना पड़ता है। यहां अंडरपास बनाने के प्रस्ताव को करीब दो वर्ष पहले सरकार से मंजूरी मिली थी लेकिन सरकार की लेट लतीफी के कारण निर्माण कार्य शुरू नहीं हो सका। अब हरियाणा स्टेट रोड एंड ब्रिज डेवलपमेंट कॉरपोरेशन की ओर से निजी भू-मालिकों से जमीन खरीद की प्रक्रिया पूरी कर ली गई है।
जमीन खरीद प्रक्रिया पूरी होने के बाद यहां बने मकानों और दुकानों को एचएसवीपी की ओर से ध्वस्त कर दिया गया। परियोजना को मंजूरी वर्ष 2019 में मिल गई थी, तब से यह परियोजना फाइलों में दबकर रह गई। बंद रेलवे फाटक पार करते समय काफी लोगों की मौत भी हो चुकी है। रेलवे फाटक के समीप आजाद नगर, इंदिरा कॉलोनी, संजय कॉलोनी सेक्टर-22, 23, 24, 25 आदि के लिए रास्ता जाता है, इसमें छह लाख से अधिक लोग रहते हैं। मुजेसर अंडरपास बनने से सोहना रेलवे ओवरब्रिज व बाटा रेलवे ओवरब्रिज पर ट्रैफिक का दबाव कम हो जाएगा।
वर्जन
रेलवे लाइन के दोनों तरफ कनेक्टिविटी को बेहतर करने के लिए दिसंबर माह के अंत तक अंडरपास का निर्माण कार्य शुरू कर दिया जाएगा। यदि ग्रेप- 4 की पाबंदियां समय से हट जाती हैं तो निर्माण कार्य में देरी नहीं होगी। टेंडर प्रक्रिया शुरू कर दी गई है और जमीन को भी कब्जा मुक्त करा लिया गया है। कहीं कोई रुकावट नहीं है।
- राहुल सिंह, डीजीएम, हरियाणा स्टेट रोड एंड ब्रिज डेवलपमेंट कॉरपोरेशन।